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दिवायांग होने के बावजूद भी करता हैं लोगो की मदद,मिलिए केरल के 43 वर्षीय यूनिस से

आजकल इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इतने व्यस्त हैं की हमारे आस पास हो रही चीज हमे पता नही चल पाती.एक दिवायांग वायक्ति की जिंदगी कैसी होती है इससे हम सब वाकिफ होते हैं.समाज में कुछ लोग उनका मजाक उड़ाते हैं.तो वहीं कुछ लोग उन्हें मोटिवेट करते हैं.हमारे समाज में दिवायांगी को अलग अलग नजरिए से देखा जात है.लेकिन दिवायांगो को हमारे समाज में सम्मान दर्जा चाहिए. वे चाहते हैं के उन्हें कोई समझा से अलग होने की निगाह से न देखे.हमारे समाज में आज भी दिव्यांगो को अलग अलग नजरिए से देखा जाता है.लेकिन दिवायंगो को वो सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वह हकदार हैं.और कुछ दिवायंग हमारे समाज में ऐसे भी है जिनको उनका परिवार भी नहीं अपनाता.लेकिन जिंदगी आपको कैसी जीनी है वह कोई दूसरा या समाज तय नही करेगा.वो खुद आप करते हैं.की आपको ज़िंदगी किस प्रकार से जीनी हैं.और एक बार फिर इस कथन को सही कर दिखाया है केरल के रहने वाले यूनिस परसौरी ने.

गंभीर बीमारी का शिकार थे यूनिस

दरअसल यूनिस परसुरी केरल के तिरुर जिला के रहने वाले हैं.और यूनिस को ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफ़ेक्टा नाम की बीमारी है.यूनिस जब केवल 4 साल के थे तब इनके परिवार वालों को पता चला की वह इतनी गंभीर बीमारी का शिकार है.इस बीमारी में हड्डियों विकृति आ जाती हैं और हड्डियां टूटने लगती है.आपको बता दें की इस बीमारी के कारण 40 वर्षीय यूनिस अपने घर में 6 सालो तक कैद रहे .उन्हें लगता था की मेरा जीवन एक कमरे के बिस्तर पर ही कट जाएगा.

एक समाजसेवी ने बदली यूनिस की जिंदगी

यूनिस अपनी इस गंभीर बीमारी के कारण दिन बाहर बिस्तर पर पास रहते थे.उन्हें लगता था की वह एक कमरे में ही अपना पूरा जीवन गुजार देंगे.लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक समाजसेवी ने यूनिस की जिंदगी बदल दी.और यूनिस ने एक कमरे से निकलकर बाहर निकलने का फैसला किया.जब यूनिस की उम्र 34 बरस की थी तब उन्होंने बंद कमरे से निकलकर बाहर की दुनिया देखी.नाज़ेर नाम के समाजसेवी के मिलने से पहले उन्हें लगता था की बाहर जाने से उनकी तकलीफे बढ़ जाएंगी और उन्हें तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है.लेकिन नाज़ेर ने यूनिस का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें कमरे से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया .और अब यूनिस तिरुवनंतपुरम और कन्याकुमारी जैसी जगह पर घूमे आए और जिंदगी का आनंद भी उठाया.

अब सामाजिक कार्य भी करते हैं यूनिस

बता दें की अब यूनिस सामाजिक कार्य भी करते हैं.और वह अब लोगो के लिए खून भी इकट्ठा करवाते इतना ही नही यूनिस 20 व्हाटास्प ग्रुप भी चलते हैं.और लोगो की मदद भी करते हैं.यूनिस अब मोटिवेशनल स्पीच के से लोगों को जागरूक करते हैं.उन्होंने कोरोणा महामारी के दौरान बहुत सारे लोगों की मदद भी की थी.

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