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झड़ने के बाद गिरने वाले बालों का होता है व्यापार, चलता है अरबों का कारोबार

आज की टेंशन भरी जिंदगी में बाल टूटना या झड़ना एक आम समस्या है लेकिन इनका व्यापार एक आम बात नहीं है। जी हां, अगर आप ये सोंचते हैं कि आपके टूटे हुए बाल किसी काम नहीं आते हैं तो आप गलत हैं। आपके टूटे हुए बालों को 20-25 हज़ार रुपये किलो के हिसाब से बेंचा जाता है।

जानकारी के अनुसार, बालों का यह व्यापार देश में काफी फूल-फल रहा है। इन बालों को गली-मोहल्लों से फेरवीलों के जरिये खरीदा जाता है। वे गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर सस्ते दामों में बाल खरीदकर लाते हैं और इन्हें किलोग्राम के हिसाब से 2-3 हजार रुपये में सप्लायर को बेंच देते हैं। बाद में वही सप्लायर इन बालों को क्वालिटी के हिसाब से 20-25 बजार तक में बेंचता है। अब आप सोंच रहे होंगे कि इन बालों का होता क्या है और ये जाते कहां हैं?

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विदेशों में बेचे जाते हैं बाल

आपको बता दें, इन बालों की सप्लाई विदेशों में की जाती है। इसका सबसे अधिक कारोबार चीन में होता है। चीनी कंपनियां इन बालों को भारत के डीलर्स से खरीदती हैं जिसके बदले इन्हें अच्छे दाम मिलते हैं।
ये कंपनियां इन बालों से विग तैयार करती हैं जिसकी कीमत मार्केट में अधिक होती है।

फेरीवालों का लिया जाता है सहारा

मालूम हो, भारत में बालों का सबसे बड़ा कारोबार कोलकाता में चलता है। यहां हर गली-नुक्कड़ पर लोग टूटे हुए बालों की डीलिंग करते मिलते हैं। इन बालों को एक जगह इकट्ठा करके इन्हें अच्छे दामों में बेंच दिया जाता है।

वहीं, बालों को इकट्ठा करने का दूसरा साधन मंदिर है। दरअसल, मंदिरों में लोग अपनी मन्नत को पूरा करने के लिए बाल मुंडवाते हैं। इसके अलावा बड़े से लेकर बच्चों तक सभी का मुंडन किया जाता है। ऐसे में इन बालों को वहीं फेंक दिया जाता है। जिसको बाद में इकट्ठा करके नीलाम किया जाता है और इसके बदले मंदिर को लाखों-करोंड़ों का फायदा होता है।

करोंड़ों की बिक्री

गौरतलब है, 2014 में तिरुपति मंदिर को इन्हीं बालों से 220 करोड़ रुपए का फायदा हुआ था जबकि 2015 में तिरूमाला तिरुपति देवास्थान ने ई-ऑक्शन के जरिये बालों को 74 करोंड़ रुपये में बेंच दिया था।

गुजरातियों के बाल की सबसे अधिक डिमांड

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बालों के दाम उनकी क्वालिटी के हिसाब से लगाए जाते हैं। चीनी बाज़ार में वर्जिन बालों की कीमत सबसे अधिक होती है। दरअसल, ये बाल वैसे बाल होते हैं जिनपर कभी भी किसी भी तरह के रंग का इस्तेमाल नहीं किया गया हो। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में गुजरातियों के बालों की काफी डिमांड है। माना जाता है कि गुजराती लोगों के बाल काफी मजबूत और चमकदार होते हैं इसलिए इनकी डिमांड अधिक होती है।

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