Breaking News

नारी शक्ति जिंदाबाद! महिलाओं और बुजुर्गों को फ्री में मंजिल तक पहुंचाने वाली इस ‘ऑटो अक्का’ को सलाम

आजादी के 75 साल बाद भी महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी नहीं आई है। यही कारण है कि आज महिलाओं को रात के अंधेरे में घर से निकलने में भय लगता है। हालांकि, अगर आप चेन्नई में हैं तो आपको कतई डरने की जरुरत नहीं है क्योंकि यहां ऑटो चालक राजी अशोका रहती हैं।

जी हां, राजी पिछले 23 सालों से ऑटो रिक्शा चला रही हैं। वे महिलाओं और बुजुर्गों को उनके गंतव्य स्थान तक फ्री में पहुंचाती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। उनका लक्ष्य केवल पैसे कमाना नहीं है बल्कि ऑटो चलाकर महिलाओं की सुरक्षा में योगदान देना है।

एक घटना ने बदली राजी की जिंदगी

अपने इसी नेक कार्य के विषय में मीडिया से बात करते हुए 50 साल की राजी ने बताया कि, आज से कई साल पहले चेन्नई में उन्होंने देखा था कि एक नशे में धुत ऑटोरिक्शा चालक एक महिला को बिठाकर लिए जा रहा था। इस घटना ने राजी को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने तय किया कि वे मुसीबत के समय महिलाओं को नके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाएंगी। बस तब से ही अक्का रात हो या दिन महिलाओं और बुजुर्गों की सेवा में काम कर रही हैं। उन्हें जैसे ही पता चलता है कि कोई व्यक्ति रात के वक्त मुसीबत में फंसा हुआ है वे तुरंत वहां पहुंच जाती हैं और उसे उसकी मंजिल तक पहुंचा देती हैं।

घर खर्च में हाथ बंटाने के लिए चलाया ऑटो

मालूम हो, केरल की निवासी राजी बचपन से ही पढ़ने में काफी होशियार थीं। उन्होंने अपना ग्रेजुएशन केरल के ही एक कॉलेज से पूरा किया। हालांकि, इसके बावजूद उन्हें कोई ढंग की नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उनकी एक रिक्शा चालक से हो गई जिसकी वजह से उन्हें चेन्नई शिफ्ट होना पड़ा। यहां फैमिली को सपोर्ट करने के लिए राजी ने भी रिक्शा चलाना शुरु कर दिया। उनका मानना है कि, ‘हमें महिलाओं को मुफ्त ड्राइविंग कोचिंग देनी की जरूरत है क्योंकि कई अशिक्षित महिलाएं बहुत कम वेतन पर काम करती है जबकि ऑटो चालक प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये कमा लेते हैं’।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *