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इस हिंदू की सार्थक पहल! बनवाई 111 मस्जिदें, 4 चर्च और 1 मंदिर

आपने अक्सर लोगों को धर्म के नाम पर आपस में लड़ते देखा होगा। देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच दंगे की खबरें अक्सर सुर्खियां बटोरती हैं। हाल ही में हुआ हिजाब विवाद इस बात का सबसे प्रबल उदाहरण है। मामूली विवाद को राजनीतिक दलों ने अपने स्वार्थ के लिए व्यापक रुप दे दिया जिसका नतीजा ये रहा कि जिन छात्रों के हाथों में किताबें और पेंसिल होनी चाहिए थी वे, हथियार और तलवार लेकर सड़कों पर धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देते नज़र आ रहे थे।

इस बात से तो आप सब वाकिफ ही हैं कि देश का माहौल कुछ राजनीतिक दलों ने बिगाड़ दिया है। इस वजह से लोगों में नफरत की भावना उत्पन्न होने लगी है। हालांकि, इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों में सौहार्द की भावना को बढ़ाने का काम किया है।

बता दें, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि 85 साल के एक बुजुर्ग ने सामुदायिक सद्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई मस्जिद, चर्च और मंदिर का निर्माण करवाया है। आइये जानते हैं कि इस नफरती दुनिया में कौन है वो खुदा का बंदा जिसने आवाम के अमन के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है।

रखते हैं सभी धर्मों में आस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम के निवासी गोपालकृष्णन ने सभी धर्मों को बढ़ावा देने के लिए मस्जिद, चर्च और मंदिर का निर्माण करवाया है। उन्होंने बताया कि वे सभी धर्मों को मानते हैं। वे सभी धर्मों की धार्मिक पुस्तकें जैसे गीता, कुरान और बाइबिल को पढ़ते हैं। उनकी धर्मों में काफी आस्था है इसलिए उन्होंने केरल में 111 मस्जिद, 4 चर्च और 1 मंदिर बनवाए हैं। जानकारी के मुताबिक, गोपालकृष्णन द्वारा बनवाई गई पलायम जुमा मस्जिद विश्व में काफी प्रसिद्ध है। इस मस्जिद में मत्था टेकने के लिए लोग विदेशों से भी आते हैं।

5 साल में तैयार हुई मस्जिद

गोपालकृष्णन ने अपने इस नेक काम के विषय में बात करते हुए कहा कि, ‘साल 1962 में उन्हें पलायम जुमा मस्जिद के पुनरनिर्माण का ठेका लगा। मैं अपने पिता के साथ था। तत्कालीन एजी कार्यालय के अधिकारी पीपी चुम्मर से बात हुई। वह ईसाई थे। उन्होंने 5 हजार रुपये दिए। ऐसे में एक हिंदू परिवार ने ईसाई के पैसे से मस्जिद का निर्माण करा दिया। 5 साल में मस्जिद तैयार हुई। इसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन ने किया।‘ उन्होंने बताया कि, ‘मस्जिद बनाने के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि चर्च क्यों नहीं बनवाते हैं। फिर कुछ लोगों ने जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स वलिया पैली चर्च बनाने का आग्रह किया। इसके बाद से मैं लगातार मंदिर, मस्जिद और चर्च बनवा रहा हूं।‘

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