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रेलवे स्टेशन पर लगे WiFi से पढ़कर कुली ने पास की सिविल सर्विसेस की परीक्षा, बना उदाहरण

कहते हैं जहां चाह होती है वहां राह होती है। अगर इंसान अपनी परिस्थितियों का रोना छोड़कर हालातों को बदलने का प्रयास करे तो एक न एक दिन उसकी मेहनत जरुर सफल होती है। आज हम आपको ऐसे ही एक व्यक्ति के विषय में बताने जा रहे हैं जिसने अपने हालातों से हार न मानते हुए उनका डटकर सामना किया। यही वजह रही कि उस व्यक्ति ने इतिहास रच दिया है।

कुली ने रचा इतिहास

हम बात कर रहे हैं केरल के एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करने वाले श्रीनाथ की। उन्होंने हाल ही में केरल लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की है। अब उन्हें इंटरव्यू देने के लिए बहुत जल्द बुलाया जाएगा। यदि वे पास हो जाते हैं तो उन्हें भू राजस्व विभाग में ग्राम सहायक के पद पर नौकरी मिल सकती है।

मुन्नार के पास मौजूद इस एर्नाकुलम स्टेशन पर कुलीगिरी का काम करने वाले श्रीनाथ बचपन से ही पढ़ाई में तेज़ थे। लेकिन उनकी आर्थिक परिस्थितियों ने उन्हें पढ़ाई-लिखाई से दूर कर दिया था। जैसे-तैसे उन्होंने 10वीं पास की और घर खर्च में पिता की मदद करने के लिए एर्नाकुलम स्टेशन पर पांच साल पहले कुलीगिरी का काम शुरु कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनाथ जब भी स्टेशन पर बैठे छात्र-छात्राओं को पढ़ते देखते तो उनका भी मन पढ़ने को करता लेकिन जिंदगी की इस दौड़भाग मे उनके पास समय ही नहीं था।

फ्री WiFi का लिया सहारा

ऐसे में उन्होंने स्टेशन पर लगे फ्री वाईफाई का सहारा लिया। उन्होंने रेलवे द्वारा दी जा रही इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठाते हुए खाली समय में पढ़ाई चालू की। इसमें उन्होंने ऑनलाइन क्लास लेना चालू किया। धीरे-धीरे उन्होंने केरल लोक सेवा आयोग के लिए तैयारी प्रारंभ कर दी।

वे जब भी स्टेशन पर खाली बैठते वाईफाई की मदद से पढ़ने लगते। श्रीनाथ ने इसके विषय में बात करते हुए मीडिया से कहा कि,‘‘मैं पहले तीन बार परीक्षा में बैठ चुका हूं। लेकिन इस बार मैंने पहली बार स्टेशन के वाई-फाई का उपयोग अपनी पढ़ाई के लिए किया। मैं बस अपने ईयरफोन कान में लगाकर अपनी पठन सामग्री सुनता रहता.।फिर लोगों का सामान इधर-उधर पहुंचाने के दौरान दिमाग में ही अपने सवाल हल करता। इस तरह मैं काम के साथ-साथ पढ़ाई भी कर सका। इसके बाद जब रात को मुझे समय मिलता तो मैं अपनी पढ़ाई को दोहरा लेता।’’

किताबों पर लगने वाला पैसा भी बचा

उन्होंने आगे कहा कि, ‘’स्टेशन पर उपलब्ध वाई-फाई सेवा ने मेरे लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं। मैंने इस बारे में सोचा भी नहीं लेकिन इससे मुझे अपने अभ्यास प्रश्नपत्रों को सुलझाने एवं परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन इत्यादि करने में तो मदद मिली ही, साथ ही किताबें खरीदने पर होने वाले खर्च से भी छुटकारा मिला।‘’

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