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बिहार के इन IAS अधिकारियों ने गांव में खोली पाठशाला, फ्री में शिक्षा देने का तय किया लक्ष्य

इंसान की परिस्थितियों को बदलने का सबसे बड़ा साधन शिक्षा को माना जाता है। जो भी व्यक्ति अपने जीवन में शिक्षा का रास्ता चुनता है वह निश्चित ही एक न एक दिन सभ्य समाज को प्रदर्शित करता है। वह अपना जीवन सुखमय ढंग से व्यतीत करता है। इसी उद्देश्य से बिहार के तीन नौजवान आईएएस अफसरों ने गांवों में पाठशालाओं की शुरुआत की है। उनका मानना है कि ‘पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया’।

शिक्षा को दे रहे बढ़ावा

बता दें, इन आईएएस अफसरों का नाम संतोष कुमार, विजय कुमार और रंजन प्रकाश है। तीनों अधिकारियों ने शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने-अपने गांवों में पाठशालाओं का निर्माण करावाया है। इनमें 400-450 बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए शइक्षकों को भी नियुक्त किया गया है जिन्हें महीने की सैलरी दी जाती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन स्कूलों में 40 प्रतिशत से अधिक लड़कियां पढ़ती हैं। उन्हें फ्री ऑफ कॉस्ट ट्यूशन और स्टडी मटीरियल दोनों ही प्रोवाइड करवाया जाता है। इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति ललक जागती है।

AIM पाठशाला की शुरुआत की

बताया जाता है कि इस पाठशाला की शुरुआत संतोष कुमार ने की थी। उन्होंने बचपन में गांव में रहते हुए शिक्षा की कमी को महसूस किया था इसलिए उन्होंने शिक्षा केंद्रों की शुरुआत की। इसके लिए संतोष ने अपने बैचमेट्स का सहारा लिया। विजय और रंजन को उनका यह आइडिया काफी पसंद आया। इसके बाद तीनों ने अपने-अपने गांवों में पाठशालाओं की शुरुआत की। साल 2019 में तीनों ने AIM पाठशाला कीअपने-अपने गांवों में शुरुआत की थी। संतोष कुमार ने समस्तीपुर के बसंतपुर रमनी गांव में, विजय कुमार ने गोपालगंज के पिठौरी गांव में, वहीं रंजन प्रकाश ने औरंगाबाद के तरारी गांव में पाठशाला खोली।

गौरतलब है, वर्तमान समय में संतोष कुमार अरुणांचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन में कार्यरत हैं। वहीं विजय कुमार इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में यूपी के गोरखपुर में पोस्टेड हैं जबकि रंजन प्रकाश सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट हैं और असम में पोस्टेड हैं।

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