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अजब-गजबः ट्रैफिक सिग्नल से बैटरी चोरी कर कबाड़ में बेंचता था जोड़ा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस देश के लोग किस हद तक नीचे गिर सकते हैं इसका अंदाजा आज जिस घटना के विषय में हम आपको बताने जा रहे हैं उससे लग जाएगा। दरअसल, चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को चौंका कर रख दिया है। दरअसल, बेंगलूरु के एक दंपति ने शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नल को ही निशाना बना लिया। वह सिग्नल जो यातायात को सुचारु रुप से चलाने में सहायक साबित होता है उसे ही एक शादी-शुदा जोड़े ने तड़ लिया। जिसका नतीजा यह रहा कि इन पति-पत्नियों ने उसकी बैटरी निकालकर किलो के भाव में किराए पर बेंच दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से शहर में इस तरह की वारदात की खबर फैली हुई थी। पुलिस भी परेशान थी कि आखिर कौन इसको अंजाम दे रहा है। लेकिन उसका कोई सबूत नहीं हाथ लग रहा था जिसकी वजह से ये लोग बार-बार बचते जा रहे थे। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तकरीबन 300 सीसीटीवी कैमरे, 4000 से अधिक स्कूटर मालिकों की जांच जिनमें 350 गियरलेस स्कूटर मालिकों से पूछताछ भी की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को पकड़ा।

230 बैटरियां पार कीं

जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने शहर के 68 ट्रैफिक सिग्नल से 230 बैटरियां चोरी कीं जिन्हें कबाड़ के दाम में बेंच दिया। अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान चिक्कनबारा निवासी एस सिकंदर और उसकी पत्नी नज़मा सिकंदर के रुप में हुई है। ये दोनों पिछले साल जून के महीने से अब तक चोरी करते घूम रहे थे।

बताया जा रहा है कि साल 2017 में सिकंदर पर पहले भी चोरी का मामला दर्ज किया जा चुका है जिसकी वजह से कुछ दिन उसने जेल में भी गुजारे थे। इसके बाद उसने चाय की दुकान खोल ली थी। कोविड के दौरान पुलिस ने उसे बंद करवा दिया जिसके बाद उसने एक बार फिर चोरी का धंधा शुरु किया।

रात में करते थे चोरी

पूछताछ के दौरान सिकंदर ने कुबूल किया कि वह और उसकी पत्नी रात को शहर के दौरे पर निकलते थे। वे ट्रैफिक सिग्नल्स पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पुलिस को चकमा देने के लिए टेल लैंप और हेडलाइट दोनों ऑफ कर देते थे। उसके बाद सिग्नल पर लगी बैटरी को चोरी कर लेते थे।

सिकंदर ने आगे बताया कि एक दिन वह अपनी दुकान बंद करके वापिस लौट रहा था। इस दौरान ट्रैफिक सिग्नल पर लगा बैटरी का बॉक्स उसे खुला दिखा। अंधेरे का फायदा उठाते हुए उसने तीनों बैटरियां चुरा लीं और घर आ गया। सुबह उसने इन तीनों बैटरियों को 75 रुपये किलो के हिसाब से बेंच दीं। प्रति बैटरी का वजन 18 किलो था जिसकी वजह से उसे 4050 रुपयों का फायदा हुआ।

पुलिस को हुआ 20 लाख का घाटा

गौरतलब है, इस धंधे में उसने अपनी पत्नी नज़मा को भी शामिल कर लिया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर शहर के ट्रैफिक सिग्नल की बैटरियों को ही लूटना चालू कर दिया। उनकी इस हरकत की वजह से पुलिस विभाग को कुल 20 लाख रुपये का घाटा झेलना पड़ा है।

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