Breaking News

9 वर्ष की उम्र में शुरु किया था स्टेज परफॉर्मेंस, आज बन गईं डांडिया क्वीन, जानिये फाल्गुनी पाठक की कहानी

फाल्गुनी पाठक कहें या फिर डांडिया क्वीन बात तो एक ही है। देश के कोने-कोने में लोगों को डांडिया नाइट्स में झूमने पर मजबूर कर देने वाली फाल्गुनी पाठक का नाम गुजरात के दिग्गज सितारों में शुमार है। उन्होंने 90 के दशक में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक गाने दिए। इनमें ‘मैंने पायल है छनकाई, याद पिया की आने लगी..’, और ‘बोले जो कोयल बागों में..’, जैसे गानों ने दर्शकों के दिलों पर राज किया है। आज भी जब भी किसी पार्टी में यह गाने बजते हैं तो लोग थिरकने पर मजबूर हो जाते हैं। फाल्गुनी पाठक के बिना डांडिया नाइट अधूरी मानी जाती है यही कारण है नवदुर्गा के दिनों में वे लगातार शो करती हैं और लोगों को झूमने पर मजबूर करती हैं।

परिवार चाहता था बेटा, हुई बेटी

बता दें, फाल्गुनी पाठक का जन्म एक गुजराती परिवार में 12 मार्च 1964 को हुआ था। हालांकि, उनका पूरा परिवार मुंबई में रहता था। वे अपने माता-पिता की 5वीं संतान थीं। उनका परिवार एक बेटा चाहता था लेकिन हो एक लड़की गई जिसके बाद सभी नाखुश हुए थे। लेकिन उस वक्त किसी को नहीं पता था कि यही लड़की आगे चलकर उनके परिवार का नाम रौशन करेगी।

10 साल की उम्र में रिकॉर्ड किया था पहला गाना

फाल्गुनी ने हमेशा लड़कों के कपड़े पहने। उन्हें टॉमबॉय की तरह रहना काफी पसंद है इसलिए वे लड़कियों के कपड़े पहनने से परहेज करती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाल्गुनी ने 10 साल की उम्र में बॉलीवुड में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना पहला गाना उस वक्त की मशहूर सिंगर अल्का याग्निक के साथ रिकॉर्ड किया था। कहा जाता है कि फाल्गुनी ने 9 साल की उम्र में अपना पहला स्टेज परफॉर्मेंस दिया था जिसके बाद उन्हें अपने पिता से मार भी खानी पड़ी थी। बचपन से ही सिगिंग में रुचि रखने वाली फाल्गुनी ने साल 1987 में डांडिया नाइट्स में परफॉर्म करना शुरू किया था। इसके बाद 1998 में उनका पहला एल्बम मार्केट मे रिलीज़ हुआ था। इस गाने का नाम था याद पिया की आने लगी। यह गाना फाल्गुनी के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इसके बाद उन्हें एक के बाद एक गानों के ऑफर मिलने लगे थे।

टीवी शो में आ चुकी हैं नज़र

मालूम हो, 90 के दशक में फाल्गुनी ने अइयो रामा, ओ पिया, चूड़ी और याद पिया जैसे तमाम सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी थी। इसके बाद उन्हें कई टीवी शो में भी देखा गया। इनमें तारक मेहता का उल्टा चश्मा, कौन बनेगा करोड़पति, स्टार डांडिया धूम, कॉमेडी नाइट्स विद कपिल और प्राइमटाइम शो बा बहू और बेटी जैसे तमाम टीवी सीरियल शामिल हैं।
गौरतलब है, फाल्गुनी पाठक को इंडियन मडोना भी कहा जाता है। उन्होंने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने गानों से धूम मचाई है।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published.