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एक लड़की जिसने गणित में रचा इतिहास, मिला नोबेल पुरस्कार

आमतौर पर ज्यादातर बच्चे गणित पढ़ने से डरते हैं, लेकिन जो बच्चे गणित से दोस्ती कर लेते हैं कामयाबी भी उनको ही मिलती है। ऐसा ही करके दिखाया है एक लड़की ने जिसने गणित से दोस्ती कर ली।
इस लड़की का नाम है मरियम। इस लड़की ने गणित से ऐसी दोस्ती की कि इतिहास ही रच दिया।

इस लड़की ने गणित में दिखाई अपनी कला

जब ईरान और इराक में युद्ध समाप्त हो गया मरियम नाम की एक लड़की ने एलीमेंट्री स्कूल की शिक्षा पूरी कर ली। इसके बाद फरजेनगान मिडिल स्कूल फॉर गर्ल्स में प्रवेश के लिए मरियम उसकी तैयारी करने लगी। इस स्कूल को ईरान राष्ट्रीय संगठन द्वारा बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए खोला गया था। मरियम ने अपनी लगन से इस स्कूल में प्रवेश ले लिया।

गणित से दूर होने लगा मन

मरियम ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब मैंने स्कूल प्रवेश लिया तो मेरी सबसे अच्छी दोस्त रोया बेहेश्ती बनी। वह मुझे प्रेरणादायक कहानियां सुनाती रहती थी। मेरे स्कूल के पास में बहुत सारी किताबों की दुकानें थी। जहां पर हम जा कर नई-नई किताबें खरीदते थे। उनको पढ़ने के बाद मैंने सोच लिया था कि मुझे लेखक बनना है। यही कारण रहा कि मेरा ध्यान गणित से दूर होने लगा। हर अध्यापक बच्चे का हौसला बढ़ाता है लेकिन मेरे साथ उल्टा हुआ। अध्यापक ने मुझसे कहा कि गणित पढ़ना तुम्हारे बस की बात नहीं है। ऐसे में मेरा मन दुखी होने लगा था। कुछ समय बाद मेरे अध्यापक बदल गए और नए अध्यापक ने मेरा मनोबल बढ़ाया और दिनों दिन मेरी रूचि गणित में फिर बढ़ने लगी।

मरियम को कामयाबी हांसिल होने लगी

मरियम को एक दिन खबर मिली की ईरान कि तरफ से हांग-कांग में हुए 1994 के गणित ओलंपियाड में उसे चुन लिया गया है। गणित में मरियम को 42 में से 41 अंक मिले थे, इसी के साथ उसे गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इन दो बड़ी उपलब्धियों के बाद छोटी उम्र में ही मरियम ने अपना सफर शुरु किया। साल 1998 में तहरान स्थित शरीफ विश्वविद्यालय से उसने आगे की शिक्षा पूरी की।

मरियम ने फिर रचा इतिहास
मरियम को 2013 में अमेरिकन मैथमेटिकल सोसायटी की ओर से सैटर पुरस्कार और 2009 में ब्लूमेंथल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

मरियम का जन्म

मरियम का जन्म 1977 को ईरान के तहरान में इलेक्ट्रिकल इंजिनियर अहमद मिर्जाखानी घर हुआ था। मरियम 1980 से 1988 एक ऐसे दौर में पल रही थी जब दो देशों के बीच इस्लामिक क्रांति चल रही थी।

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