Breaking News

20 लीटर दूध की सप्लाई से हुई शुरुआत, आज दिल्ली की नामी कंपनियों में से एक, जानिये दो दोस्तों की संघर्षगाथा

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाई गई आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत आज देश के लाखों युवा नौकरी करने जगह नौकरी देने वाले बनने के सपने देखने लगे हैं। इनमें कई लोगों ने तो आधुनिक संसाधनों की मदद से भारत के पारंपरिक व्यापारों को बढ़ावा देकर अच्छी कमाई करना शुरु कर दिया है। वहीं, कुछ लोग आज भी रिस्स लेने से डर रहे हैं। आज हम आपको ऐसे दो दोस्तों से मिलवाने जा रहे हैं जिन्होंने अपने व्यापार की शुरुआत महज़ 20 लीटर दूध के साथ की थी। हालांकि, आज वे दिल्ली की नामी कंपनियों में शामिल हो गए हैं।

दिल्ली में जन्में पार्थ और साहिल

बता दें, दिल्ली के पार्थ वीरेंद्र और साहिल चोपड़ा बचपन से अच्छे मित्र रहे। दोनों ने एक ही स्कूल से पढ़ाई की, इसके बाद अलग-अलग कॉलेज से बीटेक किया उसके बाद एमबीए की डिग्री ली और विदेश चले गए। यहां दोनों ने अलग-अलग देशों में प्रबंधन सलाहकार के तौर पर कई सालों तक नौकरी की। इस दौरान इन्हें कई लोगों से मिलने का मौका मिला, व्यापार से जुड़ी कई तरह की नई चीजें सीखने का मौका मिला।

दोनों फोन के माध्यम से हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहे। दोनों दोस्तों ने एक-दूसरे से व्यापार के विषय में चर्चा की। इस दौरान उन्हें फैसला लिया कि वे अब दूसरों की नौकरी नहीं करेंगे बल्कि अपना स्टार्टअप तैयार करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साहिल और पार्थ विदेश की नौकरी छोड़कर भारत वापिस आ गए। यहां आकर उन्होंने देश के पारंपरिक बिजनेस यानी कि दूध का व्यापार करने का फैसला लिया। उन्होंने सबसे पहले मार्केट की डिमांड को समझा। दोनों ने पाया कि जनता कम दामों में अच्छी क्वालिटी का दूध चाहती है।

स्थापित की अपनी कंपनी

इसलिए उन्होंने हैप्पी नेचर नाम से एक छोटी सी कंपनी की स्थापना की और अपने आस-पास के लोगों को दूध बेचना शुरु किया। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में इनकी कंपनी सिर्फ 20 लीटर दूध लोगों को बेचती थी। हालांकि, सस्ते दामों और अच्छी क्वालिटी के कारण कंपनी ने कुछ ही महीनों में पहचान बना ली जिसके बाद इनका व्यापार ऐसा बढ़ा जिसकी कोई सीमा नहीं।

20 लीटर से तय किया 2000 लीटर दूध की सप्लाई का सफर

मालूम हो, साहिल और पार्थ द्वारा स्थापित की गई हैप्पी नेचर कंपनी पूरी दिल्ली में 2000 लीटर दूध की सप्लाई करती है। इसके अलावा अब इन्होंने इस कंपनी के तहत दूध से बने शुद्ध उत्पाद भी तैयार करना शुरु कर दिए हैं जिनकी मदद से लोगों को शुद्धता के साथ कोई कॉम्प्रोइज़ नहीं करना पड़ रहा है।

गौरतलब है, हैप्पी नेचर के मालिकों ने अब अपना खुद का एक फार्म स्थापित कर लिया है। इस फार्म पर गायों की देखभाल के साथ-साथ उनका चारा भी उगाया जाता है। वहीं, साहिल और पार्थ का मानना है कि जब तक गायें खुश नहीं रहेंगी तब तक वे अच्छा दूध नहीं देंगे। इसलिए उन्होंने फार्म पर इस तरह का वातावरण और माहौल बना रखा है जिससे गायें खुद को स्वतंत्र महसूस करती हैं और अच्छी मात्रा में दूध देती हैं।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published.