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एक स्टोर को कैरी बैग पर 12 रुपए का भुगतान करना पड़ा भारी, कानूनी तौर पर देने पड़े 23500 रूपए

दोस्तो हम सभी आज कल शहरों के में घूमने के लिए जाते रहते हैं.और शॉपिंग करने के लिए हम मॉल या फिर शो रूम में विजिट करते हैं.लेकिन आपने अक्सर देखा होगा की जब हम मॉल में या किसी। बड़े स्टोर में खरीदारी करते हैं तो हमे उस मॉल द्वारा एक कैरीबैग उपलब्ध कराए जाता है.और स्टोर कीपर उस कैरीबैग का अलग से चार्ज करते हैं.और ऐसा ही एक मामला विशाखापत्तनम से आ रहा है.और यहां के स्टोर मैनेजर को ग्राहक से कैरी बैग का अलग से चार्ज देने को कहा जिसपर ग्राहक ने उसे कैरी बैग की कीमत देने से मना कर दिया और फिर बाद में इस स्टोर को 23500 रुपए का मुआवजा भरना पड़ा.क्या है यह पूरा मामला आइए समझते हैं विस्तार से

करने पड़े 23500 रुपए के भुगतान

बता दें की जिस कस्टमर ने स्टोर पर 12 रूपया अधिक पैसे दिए थे उसने एक शिकायत दर्ज कराई थी.दरअसल शिकायत कर्ता ने 14 जुलाई 2019 को रिटेलर से 628.96 रुपया की खरीदारी की थी.और इस खरीदारी के बाद जब वह अपनी बिल बनवाने के लिए कैश काउंटर पर पहुंच तो उससे 12 रुपए कैरी बैग के रूप में चार्ज किए गए.शिकायत करता ने जब पूछा की वह उनसे 12 रूपया अधिक चार्ज क्यों कर रहे हैं तो.कैशियर ने कहा की वह 12 रूपया कैरी बैग के बदले में ले रहा है.

लेकिन शिकायत कर्ता ने उसे ,12 रूपया देने से मना। कर दिया.लेकिन कैशियर ने उसे बहुत बार 12 रुपए देने के लिए बोला . अंत में उसे मैनेजर को बुलाना पड़ा .लेकिन मैनेजर ने भी शिकायतकर्ता की एक न सुनी.और शिकायतकर्ता से 12 रूपया कैरी बैग के बदले में देने को कहा.अंत में शिकायतकर्ता को पैसे देने पड़े .लेकिन इसके बाद शिकायत कर्ता उपभोक्ता फोरम को खटखटाया.और मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजे का भुगतान करने को कहा.मीडिया रिपर्ट्स के अनुसार आयोग ने शिकायत कर्ता की बात को स्वीकार कर लिया और स्टोर को 21500देने का निर्देश दिया.और कानूनी लागत के लिए अलग से 1500 रूपया का भुगतान करने के लिए कहा

क्या है नियम जान लीजिए

दरअसल सरकार ने पलास्टिक बैन करने के लिए मार्केट में कागज के कैरी बैग का इस्तेमाल करने के लिए और ग्राहकों को भी प्लास्टिक की बजाय कागज का कार्य बैग इस्तेमाल करने को कहा.लेकिन पलास्टिक का बैग कागज़ की तुलना में महंगा है.और अब दुकानदार कैरी बैग पर कम्पनी का बैंड छपवाते हैं जो की कानून के हिसाब से अवैध है.वहीं आपको बता दें की नियम के हिसाब से कंपनी अपने ब्रांड का कैरीबैग का भुगतान करने के लिए नही कह सकती है.यह एक कानूनन अपराध है.

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