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बिहार के आकाश सिंह ने जीता हुनरबाज का खिताब,कभी बेचने पड़े थे दूध और न्यूजपेपर

कहते हैं कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती.जब इंसान कोशिश करता है तो उसे उसका फल अवश्य मिलता है.और इस कथन को सच कर दिखाया बिहार के रहने वाले और कलर्स टीवी के हुनरबाज़ की ट्रॉफी जीतने वाले आकाश सिंह.आपकी राह में चाहे कितनी भी मुश्किल और रुकावटें रही हों अगर आपने दृदया संकल्प कर लिया है तो आपको हराने वाला कोई नहीं होगा.बिहार के भागलपुर के रहने वाले आकाश सिंह ने अपनी जिंदगी में बहुत स्ट्रगल किया है.और यही वजह रही के आकाश ने एमटीवी के शो हुनरबाज में ट्रॉफी जीतकर अपने मां बाप का नाम रौशन कर दिया.

करना पड़ा स्ट्रगल

बता दें की आकाश एमटीवी के शो हुनरबाज के विजेता बन चुके हैं.मीडिया से बात बात करते हुए आकाश ने अपनी जिंदगी के पहलुओं पर बात की और कुछ बाते सांझा की.आकाश ने बताया की जब मैं डांस करता था तो मेरे घरवाले को मेरे ऊपर भरोसा नही था.और वाह मुझे पढ़ाई करने की सलाह देते थे.ताकि मैं पढ़ लिख कर कोई नौकरी कर सकूं.मेरे घर की आर्थिक स्तिथि अच्छी नही थी.ताकि मैं मुंबई आकर स्ट्रगल कर सकूं.लेकिन मेरे डांस पर मुझे पूरा भरोसा था.पर आगे का रास्ता समझ नही आ रहा था.फिर एक दिन मैं एक टीवी चैनल के डांस प्रतियोगिता में सेलेक्ट हो गया.और उन्होंने मुझे मुंबई आने के लिए आमंत्रित किया.जब मैं मुंबई पहुंचा तो उन्होंने मेरा कॉल नही उठाया.और कोई रिस्पॉन्स नही दिया.तब मैंने सोच लिया की मैं अब यहां से कुछ करके ही जाऊंगा इसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े.

बेचने पड़े दूध और न्यूजपेपर

आकाश कहते है की जब मैं मुंबई पहुंचा तो मैं वहां अनजान था.मेरे जननेवाला कोई नही था.और मैं मैं घर से जितने पैसे लेकर से था.वोह सारे खत्म हो चुके थे.मैं दादर के शिवाजी पार्क में रहने लगा.मैं रियलिटी शो के लिए आया था लेकिन वहां से मिले धोखे ने मुझे सबकुछ सीखा दिया.लेकिन मैंने हिम्मत नही हारी.मैं रोज पार्क में प्रैक्टिस करता था.और भूख लगने और गुरुद्वारा और मन्दिर जाया करता था.ताकि वहां मुझे एक वक्त का खाना मिल सके.फिर मैंने मुंबई में दूध और अखबार बेचने का काम किया.और दूध बेचने के बाद मैं वापस पार्क में आकर अपने डांस की प्रैक्टिस करता था.लगभग दो सालो तक मैने यह सब किया.और फिर मुझे एमटीवी की डांसर कॉपिटीशन हुनरबाज में मौका मिला और अब मैं इस शो का विजेता बन गया हूं.

आकाश ने विजेता बने पर कहा

आकाश ने आगे बताते हुए कहा की मेरे पास इतने पैसे भी नही थे.की में अपने घरवालों को बुलाकर इस शो में अपने लाइव परफॉमेंस दिखा सकूं.लेकिन चैनल वालों ने फिनाले में मेरे घरवालों को बुलाया.आकाश ने कहा की मैं जीते हुए 15 लाख से कॉर्योग्रफी में ही अपना कैरियर बनाना चाहता हूं.और मैं अंतराष्ट्रीय लेवल के कंप्पेटिशन में भाग लेना चाहता हूं.और जीत ने के बाद अपने गांव और देश का नाम रौशन करना चाहता हूं.

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