Breaking News

आर्टिफिशियल पैर के दमपर मानसी जोशी बनीं नंबर 1 चैंपियन, बैडमिंटन के जरिय़े रचा इतिहास

कई बार इंसान मुसीबतों से घबराकर इंसान घर में छुपकर बैठ जाता है, कोशिश करना छोड़ देता है। हालांकि, हमारे आस-पास कुछ लोग ऐसे भी मौजूद होते हैं जिनका परेशानियां बाल भी बांका नहीं कर पाती हैं। वे दिक्कतों से घबराते नहीं हैं, वे हमेशा उनका डटकर सामना करते हैं।

इसका सबसे प्रबल उदाहरण है मानसी जोशी। जी हां, वही मानसी जिन्होंने साल 2019 में पैरा शटलर और वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। इसी कड़ी में अब मानसी ने एक और खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने बैडमिंटन एसएल 3 वर्ग में वर्ल्ड नंबर 1 का खिताब जीतकर अपने साथ-साथ देश का नाम भी रौशन किया है।

बता दें, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बैडमिंटन प्लेयर बनीं मानसी बचपन से ही एथलीट बनना चाहती थीं। उनकी इच्छा थी कि वे बड़ी होकर नेशनल लेवल की प्लेयर बनें। इसके लिए उन्होंने शुरुआत से ही मेहनत शुरु कर दी थी। महाराष्ट्र में रहते हुए उन्होंने पहले जिला लेवल की प्रतियोगिताओं में जीत हांसिल की, उसके बाद नेशनल स्तर पर बैडमिंटन में विजय का झंडा लहराया। हाल ही में मानसी ने स्पैनिश इंटरनेशनल II इवेंट में सिंगल्स में स्वर्ण पदक, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में रजत पदक अपने नाम किया था।

2011 में हुआ एक्सीडेंट

लेकिन वो कहते हैं न ईश्वर परीक्षा लेते हैं, शायद मानसी के साथ भी यही हुआ था। साल 2011 में उनके साथ हुए एक एक्सीडेंट ने उनकी पूरी ज़िंदगी ही बदल दी। इस एक्सीडेंट में गंभीर रुप से घायल हो गईं थीं। उनकी जान बच पाना नामुमकिन लग रहा था। लेकिन डॉक्टर्स के प्रयास और अनुभव ने मानसी को जिंदा तो बचा लिया था लेकिन उन्हें उनका एक पैर काटना पड़ा था। इस बात से तो आप सब वाकिफ ही हैं कि एक एथलीट के लिए उसका पैर कितना मायने रखता है। इस दौरान करीब 50 दिनों तक उन्हें अस्पताल में ही रहना पड़ा था। अपने इस समय को याद करते हुए उन्होंने बताया था कि, अस्पताल के दिनों को कौन भूल सकता है। लेकिन, मैंने उस समय भी सोच लिया था कि बैडमिंटन खेलती रहूंगी। एक पैर ही नहीं है न।

नकली पैर के दमपर तय किया सफर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल से छुट्टी लेकर घर पहुंचने के चार महीनों बाद मानसी ने एक नकली पैर लगवाया था। इसके बाद एक बार फिर वे मैदान में उतर गईं। साल 2014 तक वे एक प्रोफे़शनल बैडमिंटन प्लेयर बन चुकी थीं। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद का रुख किया। यहां उन्होंने पुलेला गोपीचंद अकादमी में बैडमिंटन की ट्रेनिंग लेना प्रारंभ किया। इसका नतीजा ये रहा कि साल 2017 में कोरिया में हुए विश्व चैंपियनशिप में उन्हें कांस्य मैडल मिला। इसके बाद बीडब्लूएफ़ पैरा वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

केबीसी में पहुंची मानसी

गौरतलब है, बैडमिंटन की दुनिया में अपना लोहा मनवाने के बाद मानसी ने टीवी के चर्चित शो केबीसी का रुख किया था। इस शो में उन्हें उनकी फ्रैंड दीपा के साथ देखा गया था। शो के दौरान उन्होंने शो के कई जवाब दिए जिससे उन्हें मोटी रकम हाथ लगी थी।

About Editorial Team

Check Also

दी कश्मीर फाइल्स के साथ साथ बॉलीवुड की यह फिल्में भी इन देशों में कर दी गई बैन, कारण जानकर हैरान हो जाएंगे आप

आज की इस लेख में हम बात करने जा रहे हैं बॉलीवुड इंडस्ट्री की बनी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *