Breaking News

इस शख्स ने कोमा में रहते हुए बचाई 30 हज़ार लोगों की जान, जानिये इस चमत्कारी पुरुष के बारे में सबकुछ

ये तो आप सब जानते ही हैं कि कोमा में जा चुका इंसान एक जिंदा लाश से कम नहीं होता है। उसकी सांसे तो चलती हैं लेकिन शरीर में किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि नहीं होती है। एक तरह से उसके सभी अंग सुन्न पड़ जाते हैं। ऐसे में क्या ये संभव हो सकता है कि कोमा में पड़ा शख्स खुद डॉक्टरों को अपने इलाज के विषय में बताए और अन्य लोगों को भी बचाए। वैसे तो यह असंभव है लेकिन इतिहास के पन्नों में दर्ज एक ऐसा चमत्कारी पुरुष हुआ है जिसने कोमा में रहते हुए चिकित्सकों को अपने इलाज की विधि बताई थी।

अचानक बोलने लगे एडगर

इस चमत्कारी शख्स का नाम एडगर कायसी था। आज से करीब 143 साल पहले उसका जन्म अमेरिका के केंटुकी में हुआ था। 25 साल की उम्र में एडगर ने कुछ ऐसा कर दिखाया था जिसे किसी चमत्कार की संज्ञा देना गलत नहीं होगा। कहा जाता है कि एक बार एडगर किसी पेड़ पर लटके हुए थे। इस दौरान वे नीचे गिर गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं जिसका नतीजा ये हुआ कि वे कोमा में चले गए। डॉक्टरों ने उन्हें होश में लाने के लिए लाखों जतन किए लेकिन वे सफल नहीं हुए। हालांकि, इसके बाद जो हुआ उसे देखकर सभी की आंखें फटी की फटी रह गईं। कहा जाता है कि एडगर का शरीर कोमा में ही था लेकिन वह खुद बोलने लगे। जबकि कोमा में गया व्यक्ति अपनी बोलने और हिलने-डुले की शक्ति को खो देता है।

कोमा में रहते हुए डॉक्टरों को बताया इलाज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडगर ने कोमा में रहते हुए डॉक्टरों को अपने साथ हुए इस हादसे की पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि वह एक पेड़ से नीचे गिर गए थे, जिसकी वजह से उनकी हड्डियों और दिमाग में गहरी चोट लगी गई थी। उन्होंने डॉक्टरों से यहां तक कहा था अगर दो दिन में मेरा इलाज नहीं हुआ तो मैं मर जाउंगा।

कहा जाता है एडगर के बताए रास्ते पर चलकर डॉक्टरों ने जड़ी बूंटियां लाकर इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर में पहुंचाई जिसके कुछ घंटों बाद वे ठीक हो गए। यह सब देखकर हर कोई दंग रह गया था।

वर्जीनिया में हुई एडगर की मौत

गौरतलब है, विज्ञान की दुनिया में एडगर को चमत्कारी पुरुष की संज्ञा दी गई है। कहा जाता है कि उनके पास ऐसी शक्तियां थीं जिसकी मदद से वे आंख बंद करते ही बीमारी का इलाज ढूंढ लेते थे। उन्होंने अपनी इन्हीं जादुई शक्तियों की मदद से लगभग 30 हजार लोगों की जान बचाई थी। जानकारी के अनुसार, 3 जनवरी 1945 को 67 साल की उम्र में अमेरिका के वर्जीनिया में एडगर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published.