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दिवालिया होने की कगार पर पहुंचा श्रीलंका, चीन से ले चुका है 7 अरब डॉलर का कर्ज, महंगाई छू रही आसमान

बढ़ती महंगाई देश की जनता के लिए अभिशाप बनकर आती है। यह परिस्थिति इन दिनों श्रीलंका में देखी जा रही है। यहां महंगाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है। खाने-पीने की चीजों के दाम सोने के बराबर पहुंच चुके हैं। यही कारण है कि यहां की जनता चाय और सब्जी जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए भी तरस रही है।

जानकारी के मुताबिक, स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि श्रीलंका में मिर्च 700 रुपये किलो के हिसाब से बिक रही है। अन्य चीजों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। इस देश की स्थिति यह बन चुकी है कि अगर कुछ उपाय ना निकाला गया तो बहुत जल्द यह देश दिवालिया घोषित किया जा सकता है।

बता दें, इस देश की जनता सदी के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रही है। जिसके पास ना खाने को दाना है और ना पीने को पानी और तो और महंगाई का सितम इतना जिसका कोई जवाब नहीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार में नवंबर के अंत तक 1.6 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। इससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि जो कुछ भी बच रहा है उससे कुछ ही हफ्तों के आयात का भुगतान किया जा सकता है। यही कारण है कि मजबूरन सरकार को बहुत सी जरुरी चीजों पर प्रतिबंध लगाना पड़ रहा है, जिसकी वजह से देश में महंगाई का स्तर दिन दुगना रात चौगुना बढ़ रहा है।

खबरों के अनुसार, पिछले चार महीनों के अंतराल में यहां रसोई गैस के दामों में 85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, दूध इस वक्त सोने के भाव बिक रहा है। आयात की कमी के कारण यहां दूध के भाव आसमान छू रहे हैं जिसकी वजह से स्थिति यह है कि लोग मामूली सी चाय भी नसीब नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि मिल्क पाउडर तक के दामों में हुई 12.5% की वृद्धि के कारण लोगों की चाय से दूध पूरी तरह से गायब हो चुका है। दुकानदारों का साफ कहना है कि ऑर्डर देने पर ही चाय बनाई जाएगी जिसके लिए ग्राहक को अधिकतम भुगतान करना होगा।

अब एक नज़र इस देश की सब्जियों पर मारे तो पता चलता है कि यहां बैंगन 160 रुपये किलो, करेला 160 रुपये किलो, भिंडी 200 रुपये किलो, आलू 200 रुपये किलो, टमाटर 200 रुपये किलो, बंदगोभी 240 रुपये किलो तथा बींस 320 रुपये किलो बिक रहे हैं। इसकी वजह से लोग खाने को तरस रहे हैं। उन्हें भूख से तड़पना पड़ रहा है।

ये तो हुई महंगाई की बात लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर इस देश में ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई? इसके पीछे का कारण क्या है? श्रीलंका की बिगड़ती परिस्थितियों से एक बात तो साफ हो गई है कि यह देश पूरी तरह से दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुका है। इसकी वजह सरकार द्वारा लिए गए कर्ज हैं। दरअसल, श्रीलंका ने विश्व के कई समृद्ध देशों से कर्ज ले रखा है, इनमें चीन भी शामिल है।

जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका पर इस वक्त 5 अरब डॉलर का कर्ज है। यह लोन किसी और देश का नहीं बल्कि चीन का है। खबर है कि अभी पिछले वर्ष ही देश की सरकार ने वित्तीय संकट से उबरने के लिए चीन से फिर 1 अरब डॉलर का कर्ज लिया था। जिसके बाद आने वाले 12 महीनों में इस देश के लिए घरेलू और विदेशी लोन मिला कर 7.3 अरब डॉलर का भुगतान करना जरूरी है।

गौरतलब है, कोरोना की मार ने दुनिया के हर देश की कमर तोड़कर रख दी है। जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। यही कारण है कि श्रीलंका इस वक्त मुश्किल दौर से गुज़र रहा है। बात करें श्रीलंका की आर्थिक ताकत की तो यहां की सरकार का सबसे बड़ा आर्थिक स्त्रोत टूरिज्म है। कोरोना की वजह से यह सेक्टर घुटनों के बल खड़ा होने पर मजबूर हो गया है। जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कमज़ोर हो चुकी है।

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