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इस देश में बैन है समोसा, दिलचस्प है प्रतिबंध की कहानी

समोसा…..भारत के हर घर का वो नाश्ता जो शाम की चाय के साथ लोगों का मन प्रफुल्लित कर देता है। हर कोई इसे पसंद करता है। बच्चे-बूढ़े सभी में समोसे के प्रति दीवानगी देखने को मिलती है। यही कारण है कि मार्केट में इतने फास्ट फूड मौजूद होने के बावजूद लोग समोसे को नहीं भूलते हैं।

समोसे के प्रति दीवानगी

पेट में चाहें जितनी भी जगह बची हो अगर कोई व्यक्ति शाम का नाश्ता बाहर करने के लिए निकला है तो उसका समोसा खाकर लौटना तय है। फास्ट फूड की दुनिया में समोसे की बादशाहत शब्दों में नहीं बयां की जा सकती है। त्रिकोणीय आकार की इस स्वादिष्ट वस्तु का स्वाद लेने में जो मज़ा है वो अन्य चीजों में कहां। वैसे तो समोसे की व्याख्या करने को बैठा जाए तो आधा दिन बीत सकता है।

आज हम आपको एक ऐसे देश के विषय में बताने जा रहे हैं जहां समोसे पर पूरी तरह से बैन है। यहां तक की अगर आप समोसे खा भी लेते हैं तो आपको सज़ा हो सकती है। अब आप सोंच रहे होंगे कि बेचारे समोसे ने किसका क्या बिगाड़ा। उसे क्यूं इतनी बड़ी सज़ा दी गई। इस प्रतिबंध के पीछे की वजह काफी दिलचस्प है।

सबसे पहले जान लीजिये कि किस देश में समोसे पर प्रतिबंध लगा हुआ है। बता दें, इस देश का नाम सोमालिया है। यहां समोसे के सेवन पर पूरी तरह से बैन है। माना जाता है कि अगर कोई भी व्यक्ति समोसे बनाते हुए या उसका सेवन करते हुए दिख जाता है उसे कठोर से कठोर सज़ा दी जाती है। खास बात ये है कि समोसा खाने वाले व्यक्ति को जेल तक भेज दिया जाता है। आइये जान लेते हैं इसके पीछे के कारण को।

समोसों पर बैन का कारण?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमालिया के चरमपंथी संगठन अल-शाबाद के लोग क्रिश्चियन पद्धति को फॉलो करते हैं। उनका मानना होता है कि अगर वे त्रिकोणीय आकार के इस समोसे का सेवन करते हैं तो वे ईश्वर का अपमान करते हैं। इसलिए सोमालिया में समोसे बनाने और उसे खाने पर पूरी तरह से बैन है।

जानवरों का मांस भरकर बेचते थे समोसे

इसके अलावा इस बैन का एक और कारण है। लोगों का मानना है कि पहले के ज़माने में भुखमरी से मरे जानवरों का गोश्त समोसे में भरकर खिलाया जाता था जिसकी वजह से लोगों को गंभीर समस्या होती थी। इस वजह से इस देश में समोसे पर बैन लगा दिया गया।

मुगलकाल में प्रसिद्ध थे समोसे

गौरतलब है, भारत में समोसे का इतिहास काफी पुराना रहा है। 16वीं शताब्दी के मुगलकालीन दस्तावेज ‘आईने अकबरी’ में भी समोसे का जिक्र किया गया है।

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