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भारत की पहली महिला जासूस, सुलझा चुकी हैं 80 हज़ार केस

इस दुनिया में पहचान बनाने का सबसे अच्छा तरीका होता है हुनर। यदि आपके अंदर कोई टैलेंट है जो आप निश्चित ही एक ना एक दिन प्रसिद्ध होंगे। वो कहते हैं ना कि काम बोलता है। जी हां ये बात सच है. आज हम आपको एक ऐसी महिला के विषय में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने हुनर के दमपर अपनी पहचान स्थापित की।

इस महिला का नाम रजनी पंडित है। इनका जन्म 1962 में महाराष्ट्र के पालघर इलाके में हुआ था। इनके पिता सीआईडी ऑफिसर थे, यही कारण था रजनी शुरुआत से ही केस को सॉल्व करने के तरीको में रुचि रखती थीं। आज रजनी पूरे देश में खूफिया जासूस के नाम से मशहूर हैं। उन्हें देश की पहली महिला जासूस का खिताब भी मिल चुका है।
उनका यह सफर काफी कठिनाइयों भरा रहा। कई बार वे पकड़ी भी गईं लेकिन उन्होंने अपनी सूझ-बूझ से चुटकियों में मुसीबतों से छुटकारा पा लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रजनी के इस सफर की शुरुआत 22 की उम्र में हुई थी। उन दिनों रजनी ने 12वीं पास की थी और कॉलेज में एडमिशन लिया था। वे अपने माता-पिता पर अपने खर्चों का बोझ नहीं डालना चाहती थी इसलिए उन्होंने एक कंपनी में क्लर्क की नौकरी कर ली।

rajani pandit first female detective of india

22 की उम्र में सॉल्व किया पहला केस

जिस जगह पर वे नौकरी करती थीं उस जगह पर एक महिला के घर में अचानक से चोरी हो गई। इस बात की जानकारी रजनी को मिली। उन्होंने महिला से मुलाकात की और उनसे पूरी घटना का विवरण जाना। महिला ने उन्हें बताया कि पुलिस भी चोर को ढूंढने में नाकाम हो चुकी है। इसके अलावा महिला ने अपनी पबहू पर चोरी करने का शक जताया। रजनी ने महिला की मदद करने का फैसला लिया। इसके बाद कई दिनों तक उसके घर की जासूसी की। इस दौरान उन्होंने पड़ोसियों पर भी नज़र रखी, उनसे पूछताछ की। कुछ दिनों बाद रजनी को उस महिला के बेटे पर शक हुआ। उन्हें उसके हाव-भाव ठीक नहीं लगे। जिसपर उन्होंने उससे पूछताछ की लेकिन वह ठीक तरह से जवाब नहीं दे पाया और हड़बड़ाहट में कुबूल कर गया कि उसने ही अपने घर में चोरी की थी। इस तरह से रजनी ने अपना पहला केस सॉल्व किया था।

80 हजार से ज्यादा मामले किए सॉल्व

धीरे-धीरे उनकी रुचि और बढ़ती गई। उनके पिता को जब उनके इस कारनामे के विषय में पता चला तो उन्होंने रजनी का सपोर्ट किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद रजनी ने अपनी खुद की डिटेक्टिव कंपनी खोल ली। इस तरह से उन्होंने तकरीबन 80 हज़ार केस सॉल्व किए।

लेडी जेम्स बॉन्ड के नाम से हैं प्रसिद्ध

गौरतलब है, जिन केसों को पुलिस सुलझाने में नाकामयाब होती थी रजनी उन्हें चुटकियों में सॉल्व कर देती थी। यही कारण था कि उनका नाम इस पेशे के लिए मशहूर हो गया और उन्हें देश की पहली महिला डिटेक्टिव का खिताब दिया गया। उनके इस बेहतरीन हुनर के लिए उन्हें दूरदर्शन द्वारा हिरकणी अवार्ड से नवाजा जा चुका है, जबकि उन्हें मोस्ट फेमस डिटेक्टिव समेत कई अन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।

इसके अलावा रजनी की लाइफ पर एक फिल्म भी बनाई जा चुकी है। इस फिल्म का नाम लेडी जेम्स बॉन्ड है। बता दें, रजनी जासूसी के अलावा किताबें भी लिखती हैं। उन्होंने बिहाइंड फेसिस और मायाजाल नाम की दो किताबें लिखी हैं जिनमें जासूसी से जुड़ी तमाम तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।

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