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इस गांव के विकास ने महानगरों को भी पीछे छोड़ा, स्थापित किया नया कीर्तिमान

आपने अक्सर देखा होगा कि लोग किसी भी काम को यह कहकर टाल देते हैं कि मेरे अकेले के करने से क्या होगा? मैं अकेला कुछ नहीं कर सकता। लेकिन ये कहावतें मिथ्या हैं, ये सरासर गलत हैं। आज हम आपको एक ऐसे गांव के विषय में बताने जा रहे हैं जहां के लोगों ने भारत के 7 लाख गांवों के लिए उदाहरण पेश किया है।

अहमदाबाद से 90 किमी दूर बसा है गांव

बता दें, इस गांव का नाम पुंसारी गांव है। यह अहमदाबाद से 90 किमी की दूरी पर स्थित है। आज इस गांव ने कई मायनों में महानगरों को भी पीछे छोड़ दिया है। यहां वाई-फाई से लेकर पानी की टंकी तक ग्रामीण आबादी की जरुरत की हर चीज़ मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गांव की तस्वीर पहले ऐसे नहीं थी। भारत के अन्य गांवों की तरह साल 2006 तक यह गांव भी उसी श्रेणी में आता था जहां मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोग तरसते थे। हालांकि, 2006 में एक पढ़े-लिखे नौजवान ने इस गांव की किस्मत बदलने के लिए पहला कदम उठाया।

हिमांशु के प्रयासों से बदली गांव की किस्मत

इस व्यक्ति का नाम हिमांशु पटेल है। साल 2006 में ये गांव के सरपंच बने। इन्होंने फैसला लिया कि ये गांव की तस्वीर बदल देंगे। इस क्षेत्र में इन्होंने कार्य प्रारंभ किया। सबसे पहले हिमांशु ने गांव में 11 लोगों की एक समिति बनाई। यह समिति गांव के लोगों को होने वाली दिक्कतों को चिन्हित करती है साथ उनका निवारण ढूंढती है। खास बात यह कि उन दिनों इस समिति का नेतृत्व हिमांशु स्वयं ही करते थे।

पानी का प्लॉन्ट किया स्थापित

उन्होंने देखा कि गांव में लोगों को शुद्ध पानी भी नहीं मिल पाता है जिसकी वजह से बच्चे, बूढ़े आदि सब बीमारी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्होंने सरकार से मिलने वाले लाभों की मदद से पानी का प्लांट स्थापित किया। इसकी मदद से लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगा। हालांकि, पानी लाने-ले-जाने में होने वाला खर्च पूरा नहीं पड़ रहा था जिस की वजह से कुछ समय के लिए पानी की सप्लाई ठप्प पड़ गई।

इसपर हिमांशु ने आसपास के गांवों के लोगों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनका पुंसारी गांव एक योजना शुरु करने जा रहा है जिसमें महज़ 4 रुपये में 20 लीटर शुद्ध पानी आपको मिला करेगा। लोगों ने उनकी इस योजना का समर्थन किया, अब एक बार फिर गांव में शुद्ध पानी मिलना लोगों को शुरु हो गया।

वाई-फाई से लेकर बस सर्विस तक तमाम सुविधाओं से लैस गांव

इसके बाद समय बदलता गया और गांव ने आधुनिकता के क्षेत्र में प्रगति करना शुरु कर दिया। गांव में सीसीटीवी से लेकर वाईफाई की सुविधा तक सभी चीजें उपलब्ध हैं। गांव के लोगों को महानगर में रहने का अनुभव मिलता है। लोगों के आने-जाने के लिए इस गांव में अटल बस सेवा शुरु की गई है जिसकी वजह से लोगों को सफर करने में कोई दिक्कत नहीं महसूस होती है।

पीएम ने किया सम्मानित

यही कारण है कि गांव की तारीफ प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कर चुके हैं। साल 2017 में पीएम मोदी ने पुंसारी गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया था। इस गांव को आदर्श ग्राम पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं, पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे उस वक्त उन्होंने इस गांव को ‘सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत पुरस्कार’ से सम्मानित किया था। इसके अलावा नई दिल्ली में आयोजित आरडी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर पुंसारी गाँव को ‘सर्वश्रेष्ट ग्राम सभा‘ से नवाजा गया था। 2012 में इस गांव को ‘राजीव गांधी आदर्श ग्राम पुरस्कार‘ भी दिया जा चुका है।

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