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गुटखे के दागों को साफ करने में रेलवे खर्च कर देती है इतना पैसा!

भारत में इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान काफी जोरों से चल रहा है। इस अभियान के तहत देश की जनता से अपील की जा रही है कि वे अपने आस-पास साफ-सफाई रखें और गंदगी को इकट्ठा ना होने दें। सरकार द्वारा चलाई जा रही यह मुहीम काफी कारगर भी साबित हो रही है। कई शहरों से आ रही तस्वीरों के मुताबिक, जिन जगहों पर कभी कचरे का भरमार लगा रहता था आज उन जगहों पर स्थानीय लोगों द्वारा साफ-सफाई करी जा रही है।

indian railways spends crores annually to clean gutkha stains

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, ऑटो स्टैंड आदि पर साफ-सफाई को लेकर सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है। लोगों को गंदगी के प्रति जागरुक कर रही है, जिसका असर भी देखने को मिल रहा है। आज हम आपको इसी से संबंधित एक ऐसी रोचक जानकारी देने जा रहे हैं जिसके विषय में सुनकर निश्चित ही आप दातों तले उंगलियां दबा लेंगे।

आपने अक्सर देखा होगा लोग जब ट्रेन का सफर करते हैं उस वक्त पान-मसाला, गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन करते हैं। इस दौरान ये लोग इन मादक पदार्थों को खाने के बाद बनने वाले पीक को किसी भी जगह पर थूक देते हैं। लोगों की इसी हरकत से स्टेशन परिसर में चारों-तरफ गंदगी फैली रहती है। यह कहानी यहीं नहीं रुकती। फिर सिलसिला चालू होता है साफ-सफाई का। जिसकी जिम्मेदारी रेलवे की होती है।

जानकारी के अनुसार, रेलवे परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बरकरार रखने के लिए रेलवे मंत्रालय को कुल 1200 करोंड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस बात का खुलासा ताजा जारी किए गए आंकड़ों में हुआ है। इन आंकड़ों के मुताबिक, 1200 रुपये का अतिरिक्त भार रेल मंत्रालय पर इन सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई के लिए पड़ता है। इसके अलावा कई लाख लीटर पानी इन दागों को मिटाने के लिए उपयोग किया जाता है।

बता दें, रेलवे ने इस समस्या से निपटने के लिए एक उपाय ढूंढ निकाला है। इसके लिए रेलवे ने स्पिटून (पीकदान) की वेंडिंग मशीन या कियोस्क लगाने निर्णय किया है। प्रत्येक स्टेशन पर लगे इन कियोस्क की मदद से नागरिकों को थूकने के लिए एक विशेष प्रकार का स्पिटून पाउच दिया जाएगा। इसकी कीमत 5 से 10 रुपये होगी।

जानकारी के अनुसार, यह पाउच पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल होगा। इसका इस्तेमाल आप पान-मसाला आदि थूकने के लिए कर सकते हैं। यह पाउच आपके थूके हुए मल को सॉलिड वेस्ट बना देगा जिसे मिट्टी में फेकने से यह कुछ ही दिनों में अपने आप नष्ट हो जाएगा। इसके अलावा इस पाउच का इस्तेमाल आप 8-10 बार कर सकते हैं। इसके उपयोग के बाद आप इसे अपनी जेब या बैग में भी रख सकते हैं, इसमें लीकेज की कोई समस्या नहीं होगी और ना ही इससे दाग लगेंगे।

गौरतलब है, रेलवे ने इन स्पिटून पाउच के निर्माण की जिम्मेदारी नागपुर की एक स्टार्टअप कंपनी ईजीपिस्ट को दी है। यह कंपनी पश्चिम, उत्तर और मध्य रेलवे जोन के लिए एडवांस पीकदान तैयार करेगी।

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