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गुजरात के 1200 साल पुराने मंदिर ने इफ़्तार पार्टी का किया आयोजन,पूरे देश को दी कौमी एकता की मिसाल

हमारे देश में आए दिन सामाजिक नफरत की खबर आती रहती है.और जैसा की आप जानते है की सामाजिक नफरत हमारे देश की अंदर से खोखला करती जा रही है.बता दें की सामाजिक नफरत एक ऐसी बीमारी है जो हमारे देश में उन्नति में रोड़ा बन रही है.यूं तो बाबा साहेब ने सबके लिए एक समान कानून बनाया था.लेकिन कुछ सांप्रदायिक लोग सविधान की धज्जियां उड़ाकर इन सारी चीज़े को नही मानते.हमारे समाज में हर धर्म में अच्छे और बुरे लोग पाए जाते हैं.और कुछ बुरे लोग ही समाज में धर्म का पाठ पढ़ाने लगाए है।.आपको बता दें की नफरतों के बीच एक खबर गुजरात से आ रही है.जिसे सुनने के बाद आपका भी दिल खुश हो जायेगा.

1200 साल पुराने मंदिर ने किया इफ्तार का आयोजन

बता दें की गुजरात में एक 1200 साल पुरानी मंदिर है.और इस मंदिर के लोगों ने मुस्लिम भाई को अफ्तार पार्टी की दावत देकर पूरे देश को कौमी एकता का संदेश दिया है.यह मंदिर गुजरात के दलवाणा में हैं. जहां रोजा रखने वाले रोजेदार के लिए इफ्तार का परबंध कराया गया.बता दें की यहां के हिंदू भाई सिर्फ वॉट्सएप स्टेटस लगाने के के लिए कौमी एकता का मैसेज नही देते है .बल्कि इन लोगों ने असल जिंदगी में भाईचारे का पैगाम पूरे देश में पहुंचाया है.बता दें की मंदिर ने मुस्लिम भाइयों के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं

इस गांव में रहते हैं 50 मुस्लिम परिवार

बता दें की इस गांव में 50 मुस्लिम परिवार रहते हैं.और यह आपस में मिलजुल रहते हैं। यहां पर किसी भी प्रकार का कोई लड़ाई झगड़ा नहीं होता है.और हिंदू मुस्लिम मिलकर एक साथ अपने दुख और सुख को बाटते है.और इस गांव के लोग एक साथ मिलकर ईद दिवाली दशहरा और भी अनेक पर्व मनाते हैं.और बताया जात है इस मंदिर के लिए मुस्लिम नवाबों ने ही जमीन दान की थी.

कौमी एकता की मिसाल बना ये गांव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मंदिर के पुजारी ने बताया की जब हमलोग का त्योहार रामनवमी और दशहरा पूजा आता है.तो हमारी मदद मुस्लिम भाई करते हैं.और इस बार ने हमलोग ने भी सोचा के क्यों न मुस्लिम भाइयों को इफ्तार पार्टी दिया जाए.गांव के ट्रस्ट और ग्राम पंचायत के लोगों ने इस इस साल अक्तार पार्टी देने का निर्णय लिया .और हमने मंदिर के परिसर में इफ्तार पार्टी k आयोजन किया.मंदिर के पुजारी ने बताया की यह मंदिर बहुत सालो पुराना है.और लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए भी आते है.बात दें की इफ्तार पार्टी में रोजेदार के लिए 5 तरीके के फल खजूर और शरबत का इंतजाम किया गया .मंदिर के पुजारी ने बताया की मैने खुद अस्थनीय मस्जिद के मौलाना साहब का स्वागत किया.और इस मामले पर गांव के सरपंच ने कहा की हमारा गांव पूरे देश में कौमी एकता की मिसाल के लिए जाना जाता है.

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