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नहीं रहा बम निरोधक दस्ते का जांबाज़ ‘सिम्बा’, नम आखों से दी गई विदाई

कहते हैं इंसान का सबसे अच्छा दोस्त एक कुत्ता होता है। यह जानवर अपनी जान पर खेलकर व्यक्ति की जान बचाता है। कुत्तों की वफादारी के किस्से तो आपने अक्सर सुने होंगे और शायद देखे भी होंगे। लेकिन क्या आपको पता है कि कई कुत्ते देश के भी काम आते हैं।

जी हां, आज हम आपको एक ऐसे कुत्ते के विषय में बताने जा रहे हैं जो कि देश की सेवा करते-करते ईश्वर को प्यारा हो गया। इस कुत्ते के नाम सिम्बा था। यह मुंबई की बम निरोधक यूनिट का एक जांबाज़ ऑफिसर था जो अपनी सूंघने की शक्ति से अपनी टीम की सहायता करता था। कई बार सिम्बा ने अपनी सूंघने की शक्ति से बम, हैंडग्रेनेड और तमाम ऐसी वस्तुओं को खोजकर निकाला था जिनका उपयोग मासूमों की जिंदगी को जड़ से खत्म करने के लिए किया गया था।

अस्पताल में ली अंतिम सांस

सिम्बा ने अपने कारनामों से पूरे देश में पहचान बनाई थी। बम निरोधक दस्ते में शामिल सभी ऑफिसर्स का सबसे लाडला और चहीता साथी सिम्बा अब इस दुनिया में नहीं है। हाल ही में इस लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते ने परेल स्थित वेटरेनरी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी। इसके बाद सिम्बा की टीम के सदस्यों ने नम आखों से उसे विदाई दी।

सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिम्बा को उसकी निष्पक्षता और इमानदारी के लिए 3 गनमैन सैल्यूट के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान जिस किसी ने भी सिम्बा के पार्थिव शरीर को देखा उसकी आखें नम हो गईं।

भावुक हुए यूजर्स

गौरतलब है, सोशल मीडिया पर सिम्बा की अंतिम तस्वीरों का तांता लग गया है। हर कोई उसे अपने-अपने तरीके से विदाई दे रहा है। लोग उसकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।

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