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गाय के गोबर से तैयार की ईंट, सीमेंट और पेंट, अब बना रहे घर, जानिए कौन हैं डॉ. शिव दर्शन मलिक

कहते हैं दुनिया में पैसा कमाना सबसे आसान काम है, बस इसके लिए चाहिए तो वो है लगन। इंसान अगर मेहनती है तो वो कुछ भी करके अपनी दिनभर की रोजी-रोटी का इंतज़ाम कर ही लेगा। लेकिन जब कोई व्यक्ति पैसा कमाने के साथ-साथ प्रकृति को भी सुरक्षित रखने के विषय में सोंचता है तो बात कुछ अनोखी हो जाती है। जहां समाज में हर कोई प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर अपनी जेबे भरने में लगा है वहां शिव दर्शन मलिक जैसे लोग भी हैं जिन्होंने गाय के गोबर का उपयोग करके एक ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया है जिससे पर्यावरण को भी हानि नहीं पहुंच रही है और अन्य लोगों को भी रोजगार का मौका मिल रहा है।

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बता दें, हरियाणा के रोहतक निवासी डॉ. शिव दर्शन मलिक ने पांच साल पहले एक स्टार्अप किया था। इसके तहत वे गोबर से ईंट, सीमेंट और पेंट को बनाने का काम करते हैं। उनकी यह खोज पर्यावरण के लिए ईको-फ्रेंडली साबित हो रही है। गोबर की बनीं इन चीजों से वे लोगों को घर, मकान आदि चीजें बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

जानकारी के मुताबिक, गोबर की चीजों से घर को तैयार करने का आइडिया उन्हें अमेरिका और इंग्लैंड दौरे के दौरान आया था। वहां उन्होंने देखा कि लोग सीमेंट और ईंट की बजाए ईको-फ्रेंडली घरों में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। वहां लोग भांग की पत्ती और चूने को मिलाकर घरों की दीवारों पर पुताई करते हैं जिससे सर्दियों में ठंड का एहसास नहीं होता है। इस दौरान शिव दर्शन को याद आया कि पुराने ज़माने में लोग अपने घरों के बाहर गोबर से पुताई करते थे। ऐसा करने से सर्दियों में ठंड का एहसास नहीं होता था जबकि गर्मियों में ये घर को ठंडा रखता था। पूर्वजों द्वारा एजात की गई इस तकनीक को आज के ज़माने का रुप देने के लिए शिव दर्शन ने इस पर रिसर्च प्रारंभ की।

कई सालों की कड़ी मेहनत और रिसर्च के बाद उन्होंने सबसे पहले गोबर से बनीं सीमेंट तैयार की। जिसका उपयोग सबसे पहले उन्होंने खुद किया। लोगों को इसके इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शिव दर्शन ने सबसे पहले अपना घर तैयार किया। गोबर की सीमेंट से बना उनका नया घर लोगों को काफी पसंद आया जिसके बाद उन्होंने गांव वालों को भी यह सीमेंट दी। लोगों से मिली सकारात्मक प्रक्रिया ने शिव दर्शन को गोबर से बनीं ईंट तैयार करने की प्रेरणा दी। 2019 में काफी रिसर्च के बाद उन्होंने गोबर से बनी ईंट तैयार करके सभी को चौंका दिया। बाद में उन्होंने इससे बने पेंट पर भी काम किया और उसे भी तैयार कर लिया।

शिव दर्शन द्वारा किया गया यह प्रयास काफी फलीभूत साबित हुआ। देखते ही देखते उनके साथ हजारों की संख्या में लोग जुड़ गए। जिसके बाद शिव दर्शन ने बीकानेर में पहले तो अपना स्टार्टअप खड़ा किया। उसके बाद इसी शहर में उन्होंने एक ट्रेनिंग सेंटर भी खोला। यहां पर शिव दर्शन लोगों को गोबर से बनने वाली चीजों की पूरी प्रक्रिया के विषय में विधि विधान से समझाते हैं। इसमें सीखने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये फीस जमा करनी होती है। शिव दर्शन बताते हैं कि उनके सेंटर से ट्रेनिंग लेकर 100 से ज्यादा लोग झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, यूपी जैसे राज्यों में गोबर से ईंट बनाने का काम कर रहे हैं तथा इससे मुनाफा भी कमा रहे हैं।

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