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भोपाल जेल में कैदियों को दी जा रही पुरोहित बनने की ट्रेनिंग, तस्वीरें वायरल

कहते हैं जिस व्यक्ति के मन में सच्चाई और सकारात्मकता का वास होता है उसपर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। इसका प्रबल उदाहरण है महर्षि वाल्मीकि। इस बात से तो आप सब वाकिफ ही होंगे कि रत्नाकार नाम का एक डाकू अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए लूट-मार करता था। बाद में यही डाकू धर्म के मार्ग पर चलकर महर्षि वाल्मीकि के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इन्होंने रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ और महाकाव्य की रचना की।

संगत का असर

माना जाता है कि इंसान जैसी संगत में रहने लगता है वैसा ही असर उसपर आ जाता है। इसलिए आपने अक्सर देखा होगा कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चे की संगत को लेकर चिंतित रहते हैं। इसके पीछे की वजह काफी अजीब होती है। कई बार इंसान के ऊपर अच्छाई हावी होती है तो कई बार उसकी बुरी संगत उसे बुराई की तरफ धकेल देती है। ऐसे में वह पापी और दुराचारी बन जाता है। हालांकि, यदि उसे अच्छाई की तरफ मोड़ने का प्रयास किया जाए तो निश्चित ही वह एक दिन अच्छा इंसान बनकर उभरता है।

ऐसा ही कुछ इन दिनों भोपाल की सेंट्रल जेल में किया जा रहा है। इस जेल में बंद कैदियों को अच्छाई के मार्ग पर चलने की विद्या सिखाई जा रही है। उन्हें पुरोहित बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

कैदी बनेंगे पुरोहित

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैदियों में सार्थक बदलाव लाने के उद्देश्य से अखिल विश्व गायत्री परिवार ने यह जिम्मा उठाया है। यह संस्था भोपाल की सेन्ट्रल जेल में बंद क़ैदियों को वैदिक और धार्मिक क्रियाओं को सिखाती है। इससे जब भी कैदी जेल से बाहर जाएंगे उन्हें पुरोहति बनने में आसानी होगी और वे अपनी आगे की जिंदगी अच्छे से गुजार सकेंगे।

‘कैदी गुस्सैल हैं’

इस विषय में बात करते हुए भोपाल सेन्ट्रल जेल के सुप्रिटेंडेंट दिनेश नार्गवे ने कहा कि, गायत्री परिवार कै़दियों के आध्यात्मिक, मौलिक और बौद्धिक विकास के लिए पहले भी काम कर चुका है। जेल में बंद क़ैदी या तो अवसादग्रसित हैं या फिर गु़्स्सैल हैं। उनमें से अधिकतर कम पढ़े-लिखे हैं और ग़रीब है। हमें लगा इस ट्रेनिंग से उन्हें अपने आस-पास सकारात्मक ऊर्जा महसूस होगी। 50-60 क़ैदियों ने ट्रेनिंग के लिए उत्सुकता दिखाई।

यज्ञशाला का भी होगा आयोजन

वहीं, 1 मार्च से शुरु हुईं इन क्लासेस के विषय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के एक सदस्य ने बताया कि, ‘हमें लगा था कि वो 10 से 15 प्रतिशत अंक लाएंगे लेकिन वे 60 प्रतिशत तक नंबर ले आए। होली के बाद क़ैदियों की जेल की यज्ञशाला में प्रैक्टिकल क्लासेज़ होंगी।

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