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गाजीपुर की जनता ने नेताओं से की अपील, बोले- ‘वोट मांगकर शर्मिंदा न करें’

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इस बीच नेताओं के दल-बदल का सिलसिला भी जारी है। जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी यह दावा कर रही थी कि उसने बीजेपी के तीन मंत्रियों और 12 विधायकों को तोड़कर प्रदेश की जनता को बदलाव का संदेश दिया है वहीं, भाजपा ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई की पत्नी को भाजपा की सदस्यता दिलाकर उन्हें तगड़ा झटका दिया है।

बता दें, मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने सपा का दामन छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया है। अब वे यूपी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का प्रचार-प्रसार करती नज़र आएंगी। मालूम हो, चुनाव आयोग ने भी प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मतदान का ऐलान कर दिया है। आयोग के मुताबिक, प्रदेश की 403 सीटों पर 7 चरणों में मतदान कराया जाएगा। जिसकी शुरुआत 10 फरवरी से होगी जबकि 10 मार्च को रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

इस बार यूपी के चुनावों को लेकर खास बात यह है कि यहां की जनता इस बार नेताओं का खुलकर विरोध कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आ रही तस्वीरों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के नेता जिस गांव में जा रहे हैं उनकी एंट्री बैन कर दी जा रही है। पिछले दिनों संभल के एक गांव में बीजेपी विधायक वोट मांगने के लिए गए थे इस दौरान गांव वालों ने उनका रास्ता रोक लिया और उनके गांव में घुसने पर रोक लगा दी।

लोगों में यह नाराज़गी किसान आंदोलन के दौरान भाजपा द्वारा किसानों के साथ किए गए रवैये को लेकर है। ऐसा ही एक मामला अब गाजीपुर से सामने आया है। यहां सदर कोतवाली क्षेत्र की पांडे कॉलोनी के बाहर लोगों ने नेताओं की एंट्री पर बैन लगा दिया है। सोसाइटी के बाहर लगा यह पोस्टर इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉलोनी के लोगों में सरकार और नेताओं के प्रति क्रोध भरा हुआ है जिसकी वजह से लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है। इस कॉलोनी के लोगों का कहना है कि साल 2016 में सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी। पीडब्लूडी ने इसका टेंडर निकाला था। इसके बाद पूरी सड़क को खोदकर फिर से बनाने का काम करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, काम रोक दिया गया।

लोगों ने आगे बताया कि विभागों के चक्कर काट-काट के वे थक गए हैं। पीडब्लूडी, नगर पालिका, विधायका, बीजेपी दफ्तर सबजगह जाने के बाद भी कोई मदद नहीं हुई। इस बीच पेयजल की पाईप भी खराब हो गई है लेकिन उसे कोई सुधारने वाला नहीं आया है। गौरतलब है, कॉलोनी के निवासियों ने नेताओं से अपील की है कि इस बार वोट मांगने ना आएं।

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