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यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत पर पिता ने जाहिर किया दुख, बोला- 97% नंबर होने के बावजूद भारत में नहीं मिली थी सीट

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार की कोशिशें भी जारी हैं। इस युद्ध के चलते एक भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत हो गई है। मीडिया से मिली खबरों के मुताबिक, 21 साल के नवीन खाना लाने के लिए बंकर से निकल कर बाजार में गए थे उसी समय रूसी सेना ने हमला कर दिया जिसमें नवीन की मौत हो गई। नवीन के पिता शेखरप्पा का कहना है कि फोन पर बेटे से मेरी बात 2 बजे के करीब हुई थी। लेकिन बेटे ने बाद में बात करने की कहकर कॉल को काट दिया था। उसके कुछ समय बाद मेरे पास विदेश मंत्रालय से फोन आया जिसमें मेरे बेटे की मौत की खबर दी गई।

पिता ने पार्थिव शरीर वापिस लाने की लगाई गुहार

नवीन के पिता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात की और उनके बेटे की मौत पर गहरा दुख जताया। नवीन के पिता ने प्रधानमंत्री से उसके मृत शरीर को भारत वापस लाने की बात कही जिस पर मोदी ने उनके बेटे का शरीर 2 दिन के अंदर भारत लाने का वादा किया है। नवीन के पिता ने बताया कि मेरे पास मुख्यमंत्री बोम्मई ने फोन किया और मैंने उनसे भी अपने बेटे के मृत शरीर को वापस भारत लाने की बात कही।

नवीन के पिता ने कहा कि नवीन और उसके दोस्त 2 हफ्ते से खारकीव के बंकर में रूके हुए थे और वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यूक्रेन के दूतावास से मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई मदद नहीं की गई। इस सब के चलते मैंने अपना बेटा खो दिया।

भारत में नहीं मिली सीट

यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर लोगों का कहना है कि वहां पढ़ने भेजने की क्या जरूरत थी। इस पर नवीन के पिता ने कहा कि मेरे बेटे के अच्छे नंबर होने पर भी भारत में मेडिकल सीट नहीं मिली। उन्होंने बताया कि भारत में मेडिकल की फीस करोड़ों में है, वहीं यूक्रेन में बहुत कम खर्च में वही शिक्षा मिल जाती है।

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