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23 की उम्र तक 6 बार कैंसर को हरा चुके हैं जयंत, पीड़ितों के लिए बने प्रेरणास्त्रोत

कैंसर एक ऐसी बामारी है जिसने लाखों लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। इससे गुजरने वाला व्यक्ति ही सिर्फ पीड़ित नहीं होता बल्कि उसका पूरा परिवार उस तकलीफ को झेलता है। इस बीमारी ने ना जाने कितने परिवारों को उनके करीबियों से जुदा कर दिया।

हालांकि, इस बीमारी से कई मरीजों ने जंग जीती है। उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति और अच्छे इलाज के दमपर इस बीमारी को मात दी है। आज हम आपको एक ऐसे ही युवक के विषय में बताने जा रहे हैं जिसने 23 साल की उम्र तक आते-आते 6 बार कैंसर को मात दी है।

इनका नाम जयंत कंदोई है। ये राजस्थान के अजमेर में रहते हैं। इन्होंने अब तक 6 बार कैंसर को शिकस्त दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जयंत शुरुआत से ही टॉपर थे। वे पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्ट्स में भी अव्वल आते थे। उन्होंने जिला स्तर पर आयोजित खोखो प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें वे चैंपियन बने थे।

साल 2013 में जयंत 10वीं की पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान उन्हें उनके गले पर कुछ जलन सी महसूस होती थी। उन्होंने यह बात अपने परिजनों को बताई जिसपर परिवार वालों ने डॉक्टर्स को दिखाने की सलाह दी। कुछ टेस्ट के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें बताया कि गले की दाहिनी तरफ कैंसर है। इसपर तयंत घबराए नहीं और उन्होंने इसका इलाज कराने का फैसला लिया। बताया जाता है कि 12 कीमोथेरेपी के बाद जयंत ठीक हो गए। इस दौरान उन्होंने अपनी बोर्ड की परीक्षाएं भी दी जिनमें उन्होंने टॉप किया।

ajmer jayant kandoi cancer patient

इसके बाद सब कुछठीक चल रहा था कि साल 2015 में जयंत के गले की बायीं तरफ कैंसर हो गया। इस दौरान उन्हें 60 रेडियोथेरेपी से गुजरना पड़ा लेकिन उन्होंने इस बार भी कैंसर को मात दे दी। जानकारी के अनुसार, वे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गए। यहां साल 2017 में उन्हें पेट में दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने डॉक्टर्स से जांच कराई तो पता चला कि उन्हें कैसंर है। उन्होंने हार नहीं मानी और इलाज कराने का फैसला किया। दो सालों तक चले इलाज के बाद जयंत ठीक हो गए।

मालूम हो, इस दौरान जयंत अक्सर देखते थे कि कैंसर का नाम सुनकर लोग उम्मीद छोड़ देते थे। कई बार मरीज अपना इलाज तक कराने के विषय में सोंचना छोड़ देते थे जिसकी वजह से उनकी काफी बुरी हालत हो जाती थी। ऐसे ही तमाम मरीजों की सहायता के लिए जयंत ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक सिटी स्टार क्लब बनाया। इस क्लब के माध्यम से वे कैंसर पीड़ितों की मदद करते थे।

साल 2019 में जयंत के पैंक्रियाज और बाजू में एक छोटी गांठ हो गई थी। जिसका उन्होंने इलाज कराया और वे ठीक हो गए। इसके बाद साल 2020 के अंत में वे एक बार फिर कैंसर से पीड़ित हो गए। इस बार उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कैंसर को हरा दिया।

गौरतलब है, साल 2018 में जयंत ने ज्ञान की बातें नाम से एक ऐप बनाया था। इस ऐप के माध्यम से वे बीमारियों से जूझने के लिए लोगों की मदद करते हैं। उन्हें मोटिवेट करते हैं। अब तक उनके इस ऐप को 10 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

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