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8 हज़ार रुपये महीने कमाने वाला सेल्समैन बना 3.5 करोंड़ की संपत्ति का मालिक, जानिये कैसे

आमतौर पर घरों में सरकारी नौकरी को लेकर बच्चों को काफी प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि इस नौकरी में आराम के साथ-साथ अच्छी तनख्वाह भी मिलती है। यही कारण है कि हमारे देश के लाखों-करोड़ों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी में खुद को खपाकर रखते हैं।

हालांकि, कई बार यही युवा सरकारी नौकरी पाने के बाद अपने ज़मीर को लात मारकर बुराई के रास्ते पर निकल पड़ते हैं। वे रिश्वत को सुविधा शुल्क का नाम देकर गरीबों का खून चूसते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक व्यक्ति के विषय में बताने जा रहे हैं जिसने रिश्वत के पैसों से करोड़ों की संपत्ति इकट्ठी कर ली।

सरकारी नौकर के घर हुई छापेमारी

इस व्यक्ति का नाम गोविंद बागवान है। यह मध्य प्रदेश के देवास के कन्नौद में रहता है। पिछले दिनों आर्थखिक अन्वेषण प्रकोष्ठ ने कन्नौद स्थित गोविंद के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस के हाथों उसके पास से करोड़ों की अकूत संपत्ति के दस्तावेज प्राप्त हुए।

जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू द्वारा की गई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने गोविंद के घर से 47 बीघा जमीन, डोकाकुई गांव में चार मकान, एक ट्रैक्टर, सोने-चांदी के जेवरात के साथ ही बैंक खाते और एलआईसी सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए।

8000 की मामूली तनख्वाह, खड़ी की करोंड़ों की संपत्ति

बता दें, साल 1993 में गोविंद को सेल्समैन की नौकरी मिली थी। इस दौरान उसकी तनख्वाह महज़ 500 रुपये थी। जैसे-जैसे समय बदलता गया उसकी तनख्वाह में वृद्धि होती गई, अब उसे 8000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मिलते हैं। लेकिन इतनी कम सैलेरी के बावजूद गोविंद ने साढ़े तीन करोंड़ से अधिक की संपत्ति खड़ी कर ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने सुबह 7 बजे गोविंद के घर पर छापा मारा था। इस दौरान उसके घर से 3 करोंड़ 48 लाख 6 हज़ार 685 रुपये की अकूत संपत्ति मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

कागजातों में किया हेरफेर

इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए डीएसपी अजय कैथवास ने बताया कि जिस जमीन के कागज़ गोविंद के घर से मिले हैं उसकी खरीदी कुछ वर्षों पहले हुई थी। उस वक्त उस जमीन की कीमत 20-25 लाख रुपये थी। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि अजय ने अपने दोनों बच्चों के दस्तावेजों में भी हेरफेर किया है। उसने बच्चों के कागजों में पिता के नाम पर अपने बड़े भाई का नाम लिखवा रखा है।

गौरतलब है, इससे पहले भी गोविंद को धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। आरोपी पूर्व में किसानों के लोन के नाम पर गड़बड़ी करता पकड़ा गया था जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उक्त कार्रवाई की गई थी।

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