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अस्पताल के लिए 425 करोंड़ रुपये देने वाले इस शख्स को जानते हैं आप? IT सेक्टर का राजा है!

इस दुनिया में दौलत तो बहुत से लोग कमाते हैं लेकिन कमाई हुई दौलत को दूसरों के लिए इस्तेमाल बहुत कम लोग करते हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के विषय में बताने जा रहे हैं जिसने अपनी दौलत समाज हित में उपयोग करने का फैसला लिया है।

अस्पताल के लिए 425 करोंड़ का दान

इस व्यक्ति का नाम सुब्रतो बागची है। माइंडट्री नामक आईटी कंपनी के सह संस्थापक सुब्रतो ने बेंगलूरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान को एक अस्पताल और रिसर्च सेंटर के निर्माण के लिए कुल 425 करोंड़ रुपये का अनुदान दिया है।

इसकी मदद से देश में पहली बार बहुल विशेषज्ञ अस्पताल और अस्पताल विद्यालय खोला जाएगा। 800 बिस्तरों वाला यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज का भी निर्माण किया जाएगा। बता दें, माइंडट्री नामक इस कंपनी की शुरुआत साल 1999 में हुई थी। सुब्रतो बागची इस संकपनी के सह संस्थापक हैं। इससे पहले वे इसके चेयरमैन भी थे।

1 रुपये की नौकरी

मालूम हो, सुब्रतो सामाजिक हित में कार्य करने के लिए पहचाने जाते हैं। वे पद और पैसों से अधिक अपने सिद्धातों को महत्व देते हैं। इसका उदाहरण साल 2016 में देखने को मिला था जब सुब्रतो ने ओडिशा स्थित स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन का पद संभाला था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके लिए उन्हें सिर्फ 1 रुपये वेतन मिलता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलूरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान के तहत बनाए जाने वाले अस्पताल की परियोजना की कुल कीमत 900 करोंड़ रुपये आंकी गई है। सुब्रतो के अलावा उनकी कंपनी के सह संस्थापक एनएस पार्थसारथी द्वारा भी इस अस्पताल के लिए अनुदान दिया गया है। यही कारण है कि इस अस्पताल का नाम बागची पार्थसारथी अस्पताल रखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, साल 2020 में राज्य सरकार के महामारी प्रवक्ता के पद पर सुब्रतो बागची को नियुक्त किया गया था। इस दौरान सुब्रतो ने भुवनेश्वर में कैंसर और पेलिएटिव केयर सेंटर की स्थापना करते हुए 340 करोंड़ रुपये का अनुदान दिया था।

सुब्रतो ने लिखी किताबें

गौरतलब है, सुब्रतो बागची एक बिजनेसमैन होने के साथ-साथ मशहूर लेखक भी हैं। उन्होंने द हाई परफॉर्मेंस आन्त्रप्रेन्योर , गो किस द वर्ल्ड, द प्रोफेशनल, एमबीए एट 16, द एलिफेंट कैचर्स और सैल समेत अन्य पुस्तकों की रचना की है।

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