Breaking News

बिहार में जन्मा, रुस में बना विधायक, यूक्रेन पर हमले को बताया सही, जानिये कौन है ये शख्स

पिछले एक हफ्ते से रुस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। इस जंग में तकरीबन 4-5 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है जबिक हज़ारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। ऐसे में यह जंग कहीं न कहीं तृतीय विश्व युद्ध की ओर संकेत कर रही है। माना जा रहा है कि रुस अगर यूक्रेन से अपने सैनिकों को पीछे हटने का आदेश नहीं देता है तो विश्वस्तर पर उसे काफी नुकसान होने वाला है।

बहरहाल, आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के विषय में बताने जा रहे हैं जिसने जन्म तो भारत में लिया लेकिन विधायकी रुस में लड़ी। इस व्यक्ति का नाम डॉ. अभय कुमार सिंह है। ये शख्स राष्ट्रपति पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया पार्टी का सदस्य है।

पटना के विद्यालय से पूरी हुई शिक्षा

बता दें, इनका जन्म बिहार के पटना में हुआ था। इन्होंने पटना स्थित लोयोला हाई स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद 1991 में वे रुस के कुर्स्क पहुंच गए। यहां उन्होंने कुर्स्क स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरी की डिग्री प्राप्त की।

हालांकि, साल 2015 के बाद उका राजनीतिक झुकाव पुतिन की पार्टी की तरफ हो गया। इसका नतीजा यह रहा कि साल 2017 में उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन की राजनीतिक पार्टी यूनाइटेड रशियन पार्टी ज्वाइन कर ली। वर्तमान में वे एक डेप्यूटेट के रुप में कार्यरत हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रुस और यूक्रेन के बीच जारी इस जंग को अभय सिंह ने सही ठहराया है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि, रूस के लिए यूक्रेन पर विजय पाना केवल एक दिन का काम है। जहां सारी दुनिया इसे तीसरा वर्ल्डवॉर कह रही है यह केवल एक सेना का ऑपरेशन है। जैसे भारत ने बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत पर उन्होंने कहा कि यूक्रेन भारत से बदला ले रहा है क्योंकि भारत ने उसका साथ नहीं दिया।

डॉ. अभय सिंह ने दावा किया कि, राष्ट्रपति पुतिन ने मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यूक्रेन को कई मौके दिए, लेकिन बात नहीं बनी। भारत और चीन के साथ रूस और यूक्रेन के बीच की स्थिति की तुलना करते हुए, सिंह ने कहा, “अगर चीन बांग्लादेश में एक सैन्य अड्डा बनाता है तो भारत कैसे रिएक्ट करेगा?”

परमाणु युद्ध को लेकर दी अहम जानकारी

सिंह ने परमाणु हमले के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि, “किसी को भी परमाणु हथियारों से डरने की जरूरत नहीं है। हमारे राष्ट्रपति ने इसकी घोषणा की है, हम कार्रवाई तभी करते हैं जब दूसरे देशों द्वारा हम पर हमला किया जाता है।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published.