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प्रकृति को बचाने के लिए प्लास्टिक के जूते बनाकर खड़ा किया स्टार्टअप, जानिये आशय की कहानी

इस बात से हम सब वाकिफ हैं कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए कितनी हानिकारक है। प्लास्टिक की वस्तुएं प्रकृति को दिन-प्रतिदिन नुकसान पहुंचाती है। लेकिन फिर भी हम प्लास्टिक का उपयोग बंद नहीं करते हैं। हम छोटी से छोटी चीज़ के लिए प्लास्टिक की थैलियों, बोतलों का उपयोग करते हैं।

सरकार ने भी इन सबी चीजों पर रोक लगाने के उद्देश्य से कई शहरों पर प्लास्टिक के यूज़ पर पूरी तरह से बैन लगाया है। कई सामाजिक संस्थाओं ने नो मोर प्लास्टिक जैसे अभियानों की शुरुआत करके प्लास्टिक पर बैन लगाने की बात कही जा रही है। हालांकि अब कुछ युवाओं ने इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसके खिलाफ कदम उठाने शुरु कर दिए हैं।

प्रकृति को प्लास्टिक से हो रहे नुकसान को रोकने के लिए 23 वर्षीय युवा ने एक ऐसा स्टार्टअप तैयार किया है जिससे कई लोगों को रोजगार भी मिल रहा है और पर्यावरण भी शुद्ध हो रहा है। इनका नाम है आशय भावे।

जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2021 में आशय ने अपनी कंपनी थैली की शुरुआत की थी। इस कंपनी के तहत वे प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों का इस्तेमाल करके जूते-चप्पल आदि बनाते हैं। इस कंपनी के माध्यम से वे मुनाफा भी कमा कर रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंच रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रायोटेप टेक्नॉलाजीज़ नामक वेस्ट रिमूवल कंपनी से थैली का टाइअप है। यह कंपनी इन्हें प्लास्टिक की थैली, बैग प्रोवाइड करवाती है। पहले इस प्लास्टिक वेस्ट को गरम पानी से धोया जाता है फिर इनको धूप में सुखाया जाता है। बाद में हीटींग तकनकी से थैली “ThaelyTex” बनाती है। बता दें, “ThaelyTex” प्लास्टिक बैग्स से बना एक ऐसा मैटीरियल है जिसमें केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके बाद प्लास्टिक वेस्ट से जूते बनाए जाते हैं।

कंपनी का दावा है कि कस्टमर प्लास्टिक वेस्ट से बने और साधारण मटीरियल से बनकर तैयार होने वाले जूतों में फर्क नहीं समझ पाते हैं।

मालूम हो, फिल्हाल आशय की फैक्ट्री में 170 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। ये मदजूर दिनरात मेहनत करके एक हफ्ते के भीतर 15000 जोड़ी जूते बनाकर तैयार करते हैं।

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