Breaking News

22 साल की नर्स ने ब्रेन डेड होने के बाद डोनेट किए बॉडी ऑर्गन्स

कुछ लोग मरते-मरते भी नेकी करके जाते हैं। उनका दिल इतना बड़ा होता है कि वे समाज के हित के लिए अपने मरने के बाद भी काम आते हैं। इसका सबसे प्रबल उदाहरण है दक्षिण भारत से सामने आया है। यहां एक 22 वर्षीय नर्स ने अपने अंगों का दान किया है।

ड्यूटी दौरान अचानक से गिरी

बता दें, शिवमोग्गा के निर्मला नर्सिंगहोम में कार्यरत गनवी टीके 8 फरवरी को अपनी नाइट ड्यूटी कर रही थीं। इस दौरान अस्पताल में उनका पैर फिसल गया जिसकी वजह से वे गिर गईं। उनके सिर पर काफी गहरी चोंट लगी। इसके तुरंत बाद उन्हें नानजप्पा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया लेकिन हालात बिगड़ने पर गनवी को बेंगलुरु के पीएमएसएसवाई अस्पताल में भर्ती कराया गया।

चार दिनों तक रखा वेंटिलेटर पर

यहां डॉक्टर्स ने उनकी जांच की और चोट गहरी होने की वजह से सर्जरी का फैसला लिया। इसके बाद उसकी सर्जरी हुई और उन्हें वेंटिलेटर पर रख दिया गया। तकरीबन 3 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखने के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

परिजनों ने दान किए ऑर्गन

गौरतलब है, 22 वर्षीय लड़की के ब्रेन डेड हो जाने पर उसके परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला लिया है। उन्होंने डॉक्टर्स को सूचना दी कि वे अपनी बच्ची के बॉडी ऑर्गन्स को किसी जरुरमंद के लिए दान देना चाहते हैं।
गनवी के परिजनों के इस फैसले से न जाने कितने लोगों की जिंदगी संवर जाएगी, उनकी जिंदगी में एक बार उजाला होगा।

रिसेप्शन के दिन गिरी दुल्हन

ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों सामने आया था। उसमें एक दुल्हन अपनी शादी के रिसेप्शन के दिन अचानक से गिर गई थी। इस दौरान उसे सिर पर काफी चोंट आई थी। ससुराल वालों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका चार दिनों तक इलाज चला, जिसके बाद डॉक्टर्स ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
बहु के मर जाने के बाद उसके ससुराल वालों ने उसके माता-पिता की मर्जी से अंगों को दान करने का फैसला लिया।

About Editorial Team

Check Also

1800 करोंड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ यदाद्रि मंदिर, दरवाजों पर लगा है 125 किलो से अधिक सोना

साउथ इंडिया के मंदिरों की बात ही निराली होती है। यहां के लोगों में ईश्वर …

Leave a Reply

Your email address will not be published.